अमित शाह ने पूरा किया अपना वादा! विधायक बनते ही विष्णुदेव साय को बना दिया बड़ा आदमी

छत्तीसगढ़ की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव हुए जिसमें बीजेपी ने कमाल किया और 54 सीट पर जीत दर्ज की. भूपेश बघेल नीत कांग्रेस सरकार को अपदस्थ कर बीजेपी ने एक आदिवासी चेहरे को सीएम बनाया है. जानें कौन हैं विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने जीत तो दर्ज कर ली थी लेकिन मुख्यमंत्री के ऐलान में उसने एक सप्ताह का वक्त ले लिया. जी हां…आखिरकार बीजेपी ने आदिवासी चेहरे को प्रदेश की कमान सौंपी है. दरअसल, छत्तीसगढ़ में विधायक दल का नेता चुनने के लिए बीजेपी के नवनिर्वाचित 54 विधायकों की रविवार को अहम बैठक हुई जिसमें विष्णुदेव साय को प्रदेश का सीएम बनाने पर सहमति बनी. सीएम पद की रेस में आदिवासी समाज से आने वाले विष्णुदेव साय का नाम आगे चल रहा था जिसपर सभी विधायकों ने हामी भर दी.

जानें कौन हैं विष्णुदेव साय?

विष्णुदेव साय की बात करें तो वह छत्तीसगढ़ की कुनकुरी विधानसभा से आते हैं. कुनकुरी क्षेत्र जशपुर जिले में आता है जो झारखंड से सटा हुआ जिला है. राज्य में आदिवासी समुदाय की आबादी सबसे अधिक है. अजित जोगी के बाद रमन सिंह प्रदेश के सीएम बने थे. इसके बाद बीजेपी से सत्ता छिनने के बाद कांग्रेस ने भूपेश बघेल को कमान सौंपी. अब बीजेपी ने विष्णुदेव साय को सीएम के रूप में नामित किया है.

ये भी जानें

-विष्णुदेव साय 1980 में बीजेपी में शामिल हुए थे. पार्टी को मजबूत करने के लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ में जमीनी स्तर पर काम किया जिसका इनाम उन्हें दिया गया.

-विष्णुदेव साय 2020 में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं.

-विष्णुदेव साय सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री भी रह चुके हैं.

-इतना ही नहीं विष्णुदेव साय की गिनती संघ के करीबी नेताओं में होती है.

-विष्णुदेव साय रमन सिंह के भी करीबी बताए जाते हैं.

-साल 1999 से 2014 तक विष्णुदेव साय रायगढ़ से सांसद रहे हैं.

-मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में साय को केंद्र में केंद्रीय राज्यमंत्री बनाया गया.

अमित शाह ने दिया था संकेत

यदि आपको याद हो तो कुनकरी में अमित शाह ने उनके लिए जनसभा की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि कुनकरी से आप इन्हें विधायक बनाने का काम कीजिए..मैं इन्हें बड़ा आदमी बना दूंगा. इसके बाद क्या था बीजेपी ने जशपुर की तीनों सीटों पर कब्जा कर लिया. इससे पहले इन तीनों सीटों पर कांग्रेस के विधायक थे.

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किसे हराया विष्णुदेव साय ने

गौर हो कि विष्णुदेव साय के विरुद्ध सरकार में संसदीय सचिव रहे यू डी मिंज चुनाव लड़ रहे थे जो कुनकुरी के सिटिंग विधायक थे. कुनकुरी का मुकाबला बहुत ही रोचक हो चला था. अंत में जनता ने विष्णुदेव साय का साथ दिया और बीजेपी को इस सीट से जीत मिली.

कहां है विष्णुदेव साय का घर

विष्णुदेव साय की बात करें तो जशपुर जिले के छोटे से गांव बगिया में रहते हैं. यहां उनका परिवार साधारण जीवन व्यतीत करता है. उनका घर मैनी नदी के किनारे है. जब वे सांसद थे तो लोगों की समस्या वह यहीं सुनते थे.

मैं पार्टी को धन्यवाद करना चाहूंगा

छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री बनने पर विष्णुदेव साय ने कहा कि विधायक दल ने मुझे अपना नेता चुना है, इस अवसर पर मैं बहुत आनंदित हूं और मैं पार्टी को धन्यवाद करना चाहूंगा क्योंकि उन्होंने गांव के छोटे से कार्यकर्ता को छत्तीसगढ़ का नेतृत्व करने का मौका दिया है. मैं प्रधानमंत्री मोदी, पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभारी हूं. इस बीच छत्तीसगढ़ के कार्यवाहक मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने विष्णु देव साय को छत्तीसगढ़ का अगला मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी है.

पहला काम लोगों को 18 लाख आवास देना होगा

छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री बनने पर विष्णुदेव साय ने कहा कि मैं पूरी ईमानदारी से ‘सबका विश्वास’ के लिए काम करूंगा और ‘मोदी की गारंटी’ के तहत छत्तीसगढ़ की जनता से किए गए वादे पूरे करूंगा. प्रदेश के सीएम के तौर पर मैं वादों को पूरा करने का प्रयास करूंगा. पहला काम लोगों को 18 लाख आवास देना होगा.

मां जसमनी देवी ने क्या कहा

विष्णु देव साय के छत्तीसगढ़ के नए सीएम चुने जाने के बाद उनकी मां जसमनी देवी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि मैं बहुत खुश हूं. मेरे बेटे को छत्तीसगढ़ के लोगों की सेवा करने का मौका मिला है.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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