गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से जुड़े अपराधियों की खैर नहीं! पंजाब पुलिस आई हरकत में

एनआईए ने देश में आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए पिछले साल दर्ज दो मामलों की जांच में वांछित 54 व्यक्तियों की तस्वीरों के साथ दो सूची सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर शेयर की. इसके बाद पंजाब पुलिस हरकत में आई और गैंगस्टर गोल्डी बराड़ पर शिकंजा कसना शुरू किया.

गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या को लेकर पंजाब पुलिस एक्शन में नजर आ रही है. हत्या के मामले में आरोपी वांछित गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ ​​गोल्डी बराड़ के करीबी सहयोगियों को गिरफ्तार करने के लिए गुरुवार को कई जिलों में राज्यव्यापी कार्रवाई शुरू की गई है. गैंगस्टर के कनाडा में छिपे होने का संदेह है. खालिस्तान समर्थक आतंकियों से संबंध होने का उसपर शक है. जानकारी के अनुसार पुलिस का ऑपरेशन मोगा, फिरोजपुर, तरनतारन और अमृतसर ग्रामीण सहित जिलों में चल रहा है.

पंजाब पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से जुड़े अपराधियों को पकड़ने के लिए कई जगहों पर छापेमारी शुरू की. आधिकारिक सूत्रों के हवाले से खबर आई कि विशेष अभियान सुबह करीब सात बजे शुरू हुआ जो अब भी राज्य के सभी जिलों में जारी है. वरिष्ठ अधिकारियों सहित पुलिस की कई टीम इस अभियान का हिस्सा है. आपको बता दें कि गोल्डी बराड़ गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मुख्य आरोपी है.

लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य है गोल्डी बराड़

उल्लेखनीय है कि सिद्धू मूसेवाला के नाम से लोकप्रिय शुभदीप सिंह सिद्धू की पिछले साल 29 मई को मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. सतींदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पंजाब में श्री मुक्तसर साहिब का रहने वाला है और वह 2017 में छात्र वीजा पर कनाडा चला गया था. वह लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य है.

कितने केस हैं गोल्डी बराड़

गोल्डी बराड़ की बात करें तो उसके खिलाफ हत्या, हथियारों की तस्करी सहित अन्य अपराधों में कम से कम 13 मामले हैं. उसके बारे में कहा जाता है कि वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ा हुआ है. उसके खिलाफ इंटरपोल रेड-कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है और उसे कनाडा और भारत दोनों में खुफिया एजेंसियों द्वारा वांटेड घोषित किया गया है.

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एनआईए आई हरकत में

खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज करते हुए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने बुधवार को हरविंदर सिंह संधू उर्फ ‘रिंदा’ और लखबीर सिंह संधू उर्फ ‘लांडा’ सहित प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के पांच सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को नकद इनाम दिए जाने की घोषणा की. इसके बाद पुजाब पुलिस हरकत में आई है. एनआईए की ओर से बताया गया कि पांच आतंकवादी भारत की शांति व सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने और पंजाब में आतंक फैलाने के उद्देश्य से बीकेआई की आतंकवादी गतिविधियों को लेकर दर्ज एक मामले में वांटेड हैं.

रिंदा आतंकवादी सूची में शामिल

मूल रूप से महाराष्ट्र का निवासी रिंदा आतंकवादी सूची में शामिल है और बीकेआई का सदस्य है. वह पाकिस्तान में रह रहा है. वहीं, लांडा, खैरा, सतनाम और यादविंदर पंजाब के निवासी हैं. इस बीच, एनआईए ने देश में आतंकी-गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए पिछले साल दर्ज दो मामलों की जांच में वांछित 54 व्यक्तियों की तस्वीरों के साथ दो सूची सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर शेयर की.

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एक सूची में 11 व्यक्तियों और दूसरे में 43 व्यक्तियों का नाम शामिल है. इस सूची में गोल्डी बराड़, लॉरेंस बिश्नोई, अनमोल बिश्नोई और अर्शदीप सिंह गिल सहित कई वांछित गैंगस्टर शामिल हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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