जब धर्मेंद्र ने कहा था, अभिनेता को हमेशा अभिनेता ही रहना चाहिए, हेमा को राजनीति में जाने से भी रोका था

Dharmendra Political Journey: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का सोमवार को निधन हो गया. 89 साल की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली. 300 से ज्यादा फिल्मों में काम करके मनोरंजन जगत में एक अलग मुकाम हासिल करने वाले धर्मेंद्र ने राजनीति का भी स्वाद चखा था. हालांकि उन्हें राजनीति अधिक दिनों तक रास नहीं आई. जब उन्होंने राजनीति छोड़ी थी तब उस समय कहा था, अभिनेता को हमेशा अभिनेता ही रहना चाहिए.

Dharmendra Political Journey: धर्मेंद्र ने 2004 में राजनीति में एंट्री की थी. राजस्थान के बीकानेर से बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की थी. उनके प्रचार अभियान में भारी भीड़ उमड़ती थी. धर्मेंद्र ने राजनीति में डेब्यू करते ही धमाल मचा दिया था. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार रामेश्वर लाल डूडी को लगभग 60000 मतों से हराया था. इसके बावजूद धर्मेंद्र अधिक दिनों तक राजनीति में नहीं रह पाए. संसद में पहुंचने के बाद, उनका राजनीति से जल्द ही मोहभंग हो गया. उनका कार्यकाल 2009 में समाप्त हो गया और उन्होंने फिर कभी बीकानेर से चुनाव नहीं लड़ा.

जब धर्मेंद्र ने कहा था- अभिनेता को अभिनेता ही रहना चाहिए

2008 में पीटीआई के साथ एक इंटरव्यू में धर्मेंद्र ने राजनीति से अपने मोहभंग के बारे में बात की थी. उस समय उन्होंने फिल्मी सितारों को एक सलाह दी थी. धर्मेंद्र ने कहा था, मैं यह नहीं कहूंगा कि राजनीति में आना कोई गलती थी, लेकिन हां, एक अभिनेता को राजनीति में नहीं आना चाहिए क्योंकि इससे दर्शकों और प्रशंसकों के बीच सामान्य स्वीकृति में विभाजन पैदा होता है. अभिनेता को हमेशा अभिनेता ही रहना चाहिए. मेरे लिए, इन सभी वर्षों में अपने प्रशंसकों से मिला प्यार और समर्थन ही सबसे बड़ी उपलब्धि है. 2010 में लुधियाना में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में, धर्मेंद्र ने राजनीति में कदम रखने पर अफसोस व्यक्त किया था.

जब धर्मेंद्र ने कहा था- राजनीति में मुझे घुटन महसूस होती थी

पीटीआई के साथ इंटरव्यू में धर्मेंद्र ने कहा था, राजनीति में मुझे घुटन महसूस होती थी. मुझे भावनात्मक रूप से इस क्षेत्र में घसीटा गया. जिस दिन मैंने हामी भरी, मैं शौचालय गया और शीशे में अपना सिर पटककर अपने किए पर पछतावा किया. राजनीति ऐसी चीज है जो मैं कभी नहीं करना चाहता था.

धर्मेंद्र ने पत्नी हेमा को राजनीति में जाने से रोका था

धर्मेंद्र का राजनीति से इतना मोहभंग हो गया था कि जब उनकी पत्नी अभिनेत्री हेमा मालिनी राजनीति में डेब्यू करने वाली थी, तब उन्होंने रोका था. पिछले साल न्यूज18 के साथ एक इंटरव्यू में हेमा मालिनी ने बताया था कि धर्मेंद्र शुरू में उनके चुनाव लड़ने के खिलाफ थे. हेमा ने बताया था, धरमजी को यह पसंद नहीं आया. उन्होंने मुझसे कहा कि मैं चुनाव न लड़ूं, क्योंकि यह बहुत कठिन काम है. उन्होंने कहा, मैंने इसका अनुभव किया है. इसलिए जब उन्होंने कहा कि यह एक कठिन काम है, तो मैंने सोचा कि इसे एक चुनौती के रूप में लेना चाहिए.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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