Online Money Gaming: ऑनलाइन मनी गेमिंग, वैसे खेल हैं, जिसमें खिलाड़ी असली पैसे लगाकर खेलते हैं. जिसमें जीतने वाले को प्राइज मनी दी जाती है. इसे सट्टा भी कहा जा सकता है. इसमें खिलाड़ियों की स्किल्स का कोई मतलब नहीं होता, खेल पूरी तरह से किस्मत पर निर्भर करता है. किस्मत अच्छी हुई, तो जीत नहीं तो हार. कई बार इस चक्कर में आदमी कंगाल हो जाता है. इन खेलों में खिलाड़ी यूपीआई, वॉलेट और ऑन लाइन बैंकिंग के जरीए पैसे लगाए जाते हैं और जीतने पर सीधे खाते में पैसे आते हैं.
ऑनलाइन मनी गेमिंग कानून में क्या है?
सरकार इस कानून के जरीए ऑनलाइन सट्टेबाजी पर पूरी तरह से बैन लगाने की तैयारी में है. ऑनलाइन मनी गेमिंग की पेशकश या सुविधा प्रदान करने पर 3 वर्ष तक की कैद और/या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. मनी गेम का विज्ञापन करने पर दो साल तक की कैद और/या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. मनी गेम से संबंधित वित्तीय लेनदेन को बढ़ावा देने पर तीन साल तक की कैद और/या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. बार-बार अपराध करने पर 3 से 5 साल तक की कैद और 2 करोड़ रुपये तक के जुर्माने सहित बढ़ी हुई सजा दी जा सकती है. हालांकि इसमें साफ किया गया है कि खिलाड़ी या पीड़ितों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
ऑनलाइन गेमिंग से धन शोधन और आतंकवाद का हो रहा वित्तपोषण
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘‘यह लगभग स्थापित हो गया है कि ऑनलाइन गेमिंग, मनी गेमिंग के कारण परिवारों पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है.’’ उन्होंने दावा किया कि ऑनलाइन गेमिंग से धन शोधन और आतंकवाद का वित्तपोषण भी हो रहा है. मंत्री ने WHO का हवाला देते हुए कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने अपनी एक रिपोर्ट में ऑनलाइन गेमिंग को एक ‘डिसऑर्डर’ घोषित किया है. उन्होंने कहा कि सरकार ‘ई-स्पोर्ट्स’ और ‘ऑनलाइन सोशल गेमिंग’ को बढ़ावा देना चाहती है तथा इनके लिए प्राधिकरण बनाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि गेम निर्माताओं को सहायता दी जाएगी.
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