Online Money Gaming: क्या है ऑनलाइन मनी गेमिंग? बैन करने के लिए कानून लाने जा रही सरकार

Online Money Gaming: लोकसभा ने ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित (regulated) करने एवं शैक्षणिक और सामाजिक ऑनलाइन खेलों को बढ़ावा देने वाले एक विधेयक को पारित कर दिया. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि समाज में एक बहुत बड़ी बुराई आ रही है जिससे बचने के लिए इस विधेयक को लाया गया है. यहां समझना चाहिए कि ऑनलाइन मनी गेमिंग क्या है. और कैसे इससे बच्चों को नुकसान हो रहा है.

Online Money Gaming: ऑनलाइन मनी गेमिंग, वैसे खेल हैं, जिसमें खिलाड़ी असली पैसे लगाकर खेलते हैं. जिसमें जीतने वाले को प्राइज मनी दी जाती है. इसे सट्टा भी कहा जा सकता है. इसमें खिलाड़ियों की स्किल्स का कोई मतलब नहीं होता, खेल पूरी तरह से किस्मत पर निर्भर करता है. किस्मत अच्छी हुई, तो जीत नहीं तो हार. कई बार इस चक्कर में आदमी कंगाल हो जाता है. इन खेलों में खिलाड़ी यूपीआई, वॉलेट और ऑन लाइन बैंकिंग के जरीए पैसे लगाए जाते हैं और जीतने पर सीधे खाते में पैसे आते हैं.

ऑनलाइन मनी गेमिंग कानून में क्या है?

सरकार इस कानून के जरीए ऑनलाइन सट्टेबाजी पर पूरी तरह से बैन लगाने की तैयारी में है. ऑनलाइन मनी गेमिंग की पेशकश या सुविधा प्रदान करने पर 3 वर्ष तक की कैद और/या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. मनी गेम का विज्ञापन करने पर दो साल तक की कैद और/या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है. मनी गेम से संबंधित वित्तीय लेनदेन को बढ़ावा देने पर तीन साल तक की कैद और/या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. बार-बार अपराध करने पर 3 से 5 साल तक की कैद और 2 करोड़ रुपये तक के जुर्माने सहित बढ़ी हुई सजा दी जा सकती है. हालांकि इसमें साफ किया गया है कि खिलाड़ी या पीड़ितों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.

ऑनलाइन गेमिंग से धन शोधन और आतंकवाद का हो रहा वित्तपोषण

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘‘यह लगभग स्थापित हो गया है कि ऑनलाइन गेमिंग, मनी गेमिंग के कारण परिवारों पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है.’’ उन्होंने दावा किया कि ऑनलाइन गेमिंग से धन शोधन और आतंकवाद का वित्तपोषण भी हो रहा है. मंत्री ने WHO का हवाला देते हुए कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने अपनी एक रिपोर्ट में ऑनलाइन गेमिंग को एक ‘डिसऑर्डर’ घोषित किया है. उन्होंने कहा कि सरकार ‘ई-स्पोर्ट्स’ और ‘ऑनलाइन सोशल गेमिंग’ को बढ़ावा देना चाहती है तथा इनके लिए प्राधिकरण बनाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि गेम निर्माताओं को सहायता दी जाएगी.

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By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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