Classroom Scam : एसीबी के शिकंजे में मनीष सिसोदिया? जानें क्या है क्लासरूम घोटाला

Classroom Scam : एसीबी ने आरोप लगाया कि परियोजना पर कुल 2,892 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिससे प्रति कक्षा निर्माण लागत 24.86 लाख रुपये हो गई, जबकि मानक मानदंडों के तहत प्रति कमरा अनुमानित लागत 5 लाख रुपये थी. उसने दावा किया कि परियोजना 34 ठेकेदारों को दी गई थी, जिनमें से अधिकतर कथित तौर पर आम आदमी पार्टी से जुड़े थे.

Classroom Scam : दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया स्कूलों में कक्षा निर्माण मामले की जांच के सिलसिले में एसीबी के समक्ष पेश हुए. मामले को लेकर दिल्ली की पूर्व सीएम और आप नेता आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इसमें उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ तथाकथित ‘क्लासरूम घोटाले’ के तहत दर्ज मामला बीजेपी  द्वारा दर्ज किए गए झूठे मामलों की श्रृंखला की एक और कड़ी मात्र है. पिछले 10 वर्षों में, बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग और दिल्ली पुलिस जैसी विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से लगातार आप नेताओं को आधारहीन, मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित मामलों में फंसाया है.” देखें आतिशी का वीडियो.

कक्षा निर्माण ‘घोटाले’ के सिलसिले में दिल्ली में कई स्थानों पर ईडी के छापे

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के दौरान दिल्ली के स्कूलों में कथित कक्षा निर्माण ‘घोटाले’ की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत बुधवार को कई परिसरों पर छापेमारी की. जांच एजेंसी ने दिल्ली भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए पीएमएलए के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने के बाद छापेमारी की. सूत्रों ने बताया कि ईडी के अधिकारियों ने इस मामले से जुड़े ठेकेदारों और निजी संस्थाओं के कम से कम 37 परिसरों की तलाशी ली.

ईडी ने 30 अप्रैल को दर्ज अपनी शिकायत में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार में मंत्री रहे मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ मामला दर्ज किया था. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में 12,000 से अधिक कक्षाओं या अर्ध-स्थायी संरचनाओं के निर्माण में 2,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताएं की गईं.

बीजेपी निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसी का कर रही यूज : आप

दिल्ली एसीबी द्वारा मामला दर्ज किये जाने के बाद आप ने आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ बीजेपी उसके नेताओं को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसी (एसीबी) का इस्तेमाल एक ‘औजार’ के रूप में कर रही है. आप ने दावा किया कि कक्षाओं के निर्माण में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है. पिछली आप सरकार में 53 वर्षीय सिसोदिया के पास वित्त और शिक्षा विभाग थे तथा 60 वर्षीय जैन लोक निर्माण विभाग और कुछ अन्य मंत्रालयों के प्रभारी थे. इस महीने की शुरुआत में इस मामले में पूछताछ के लिए एसीबी ने दोनों को बुलाया था.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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