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CAA Act: चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने 2019-2020 से लंबित याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई के संबंध में निर्देश जारी किया है.
याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर डेढ़ दिन तक सुनवाई होगी
पीठ ने कहा कि वह याचिकाकर्ताओं, जिनमें इंडियन यूनियन ऑफ मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के प्रमुख भी शामिल हैं, की दलीलों पर डेढ़ दिन तक सुनवाई करेगी और केंद्र को अपनी दलीलें पेश करने के लिए एक दिन का समय दिया जाएगा.
12 मई को याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होगी
चीफ जस्टिस ने कहा कि पीठ 12 मई को याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर लेगी. पीठ ने पक्षों को चार सप्ताह के भीतर अतिरिक्त दस्तावेज और दलीलें दाखिल करने को कहा. इसने कहा कि वह पहले पूरे भारत में सीएए के लागू होने से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.
असम और त्रिपुरा से जुड़े मामलों की अलग-अलग सुनवाई
असम और त्रिपुरा से जुड़े मामलों की अलग-अलग सुनवाई बाकी मामलों के तुरंत बाद होगी, लेकिन सुनवाई 12 मई को खत्म होगी.
क्या है सीएए?
सीएए का उद्देश्य हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी समुदायों से संबंधित उन प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करना है जो 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत में आए थे.
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