CAA एक्ट के खिलाफ 200 से अधिक याचिकाएं, 5 मई से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

CAA Act: सुप्रीम कोर्ट में 200 याचिकाएं दायर कर नागरिकता (संशोधन) एक्ट, 2019 की संवैधानिकता को चुनौती दी गई है. जिसपर सुप्रीम कोर्ट 5 मई से सुनवाई करेगा.

CAA Act: चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने 2019-2020 से लंबित याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई के संबंध में निर्देश जारी किया है.

याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर डेढ़ दिन तक सुनवाई होगी

पीठ ने कहा कि वह याचिकाकर्ताओं, जिनमें इंडियन यूनियन ऑफ मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के प्रमुख भी शामिल हैं, की दलीलों पर डेढ़ दिन तक सुनवाई करेगी और केंद्र को अपनी दलीलें पेश करने के लिए एक दिन का समय दिया जाएगा.

12 मई को याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होगी

चीफ जस्टिस ने कहा कि पीठ 12 मई को याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर लेगी. पीठ ने पक्षों को चार सप्ताह के भीतर अतिरिक्त दस्तावेज और दलीलें दाखिल करने को कहा. इसने कहा कि वह पहले पूरे भारत में सीएए के लागू होने से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करेगी.

असम और त्रिपुरा से जुड़े मामलों की अलग-अलग सुनवाई

असम और त्रिपुरा से जुड़े मामलों की अलग-अलग सुनवाई बाकी मामलों के तुरंत बाद होगी, लेकिन सुनवाई 12 मई को खत्म होगी.

क्या है सीएए?

सीएए का उद्देश्य हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी समुदायों से संबंधित उन प्रवासियों को नागरिकता प्रदान करना है जो 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत में आए थे.

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By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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