नयी दिल्ली: दिल्ली, हरियाणा समेत उत्तर भारत के राज्यों में 12 से 13 डिग्री सेंटीग्रेड तक तापमान गिरेगा. वहीं, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ-साथ बर्फबारी के भी आसार हैं. वहीं, दिल्ली में 2 और 3 नवंबर को आसमान में बादल चाये रहेंगे. मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरके जेनामनी ने मंगलवार को Weather Forecast करते हुए यह जानकारी दी है.
भारत मौसम विज्ञान के वैज्ञानिक ने कहा है कि 1 या 2 नवंबर को दिल्ली और हरियाणा का न्यूनतम तापमान 12 से 13 डिग्री सेंटीग्रेड पर आ जायेगा. मौसम वैज्ञानिक आरके जेनामनी ने कहा है कि दिल्ली के सफदरजंग में मानसून के सीजन में रिकॉर्ड बारिश हुई. उन्होंने बताया कि दिल्ली में मानसून इस बार बेहद सक्रिय रहा. पिछले 121 साल के मानसून के इतिहास पर गौर करेंगे, तो पायेंगे कि इस बार सफदरजंग में दूसरी बार सबसे ज्यादा बारिश हुई.
ठंड के आगमन के साथ ही दिल्ली में विदेशी पक्षियों का आगमन भी शुरू हो गया है. वजीराबाद क्षेत्र में स्थित यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क में विदेशी मेहमान देखे जाने लगे हैं. पार्क के ऑफिसर डॉ फैयाज खुदसर ने बताया कि सर्दियों के मौसम में हर साल यूरोप, साईबेरिया, मध्य एशिया और चीन से कम से कम 30 से 35 प्रजाति के पक्षी दिल्ली आते हैं. ग्रेट कोरमोरैंट और टफ्टेड डक का आगमन हो चुका है.
सुंदरढूंगा से बंगाल के पांच पर्वतारोहियों के शव निकाले गये
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में सुंदरढूंगा ग्लेशियर के पास देवीकुंड से पश्चिम बंगाल के पांच पर्वतारोहियों के शव मंगलवार को निकाल लिये गये. बागेश्वर के जिलाधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) का 13 सदस्यीय संयुक्त बचाव दल सुंदरढूंगा ग्लेशियर के निकट देवीकुंड पहुंचा और वहां से पांचों शवों को बाहर निकाला.
Also Read: Weather Alert: केरल में बारिश की आशंका, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट, ओमान में कमजोर पड़ा शाहीन
उन्होंने बताया कि तलाश एवं बचाव दल अब भी मौके पर हैं और लापता स्थानीय गाइड खिलाफ सिंह की खोज में अभियान चलाया जा रहा है. सिंह बागेश्वर के कपकोट क्षेत्र के जाकुनी गांव के निवासी हैं. जिलाधिकारी ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए कपकोट भेजा गया है.
शवों को निकालने के लिए पिछले कुछ दिनों से प्रयास किये जा रहे थे, लेकिन खराब मौसम के कारण उनमें बाधा आ रही थी. उत्तराखंड में 17 से 19 अक्टूबर तक तीन दिन हुई अत्यधिक बारिश और खराब मौसम के दौरान सुंदरढूंगा ग्लेशियर में ये पर्वतारोही फंस गये थे.
Posted By: Mithilesh Jha
