Watch Video : दिल्ली के लोगों को डरा रही है यमुना, नदी का वीडियो आया सामने

Watch Video : दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है. इसने राजधानी के लोगों की टेंशन बढ़ा दी है. नदी का वीडियो सामने आया है जो काफी डरावना है. देखें वीडियो.

Watch Video : दिल्ली में पुराने रेलवे पुल पर यमुना नदी का जलस्तर शनिवार को 205.22 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर के करीब है. अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर नजदीक से नजर रखी जा रही है और जल स्तर और बढ़ने का अनुमान है. इसके मद्देनजर सभी संबंधित एजेंसियों को बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपदा से समय रहते बचाव किया जा सके. नदी का वीडियो न्यूज एजेंसी पीटीआई ने जारी किया है जो काफी डरावना है.

संभावित बाढ़ के खतरों पर रखी जा रही है नजर

केंद्रीय बाढ़ कक्ष के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘नदी का जलस्तर मुख्यतः वजीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बढ़ रहा है.’’ बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे लगभग 46,968 क्यूसेक पानी और वजीराबाद बैराज से 44,970 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. पुराना रेलवे पुल नदी के प्रवाह और संभावित बाढ़ के खतरों पर नजर रखने के लिए एक प्रमुख अवलोकन बिंदु है. दिल्ली में यमुना के जलस्तर का चेतावनी का निशान 204.50 मीटर है जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर है. जलस्तर 206 मीटर पहुंचने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य शुरू होता है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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