Watch Video : रेस्टोरेंट में नॉन वेज खाने से पहले देख लें ये वीडियो, उल्टी आ जाएगी

Watch Video : राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अधिकारी पंकज ओझा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें एक रेस्टोरेंट में रखे नॉन वेज को दिखाया गया है. वीडियो देखकर लोग रिएक्शन दे रहे हैं.

Watch Video : यदि आप रेस्टोरेंट में नॉन वेज खाने के शौकीन हैं तो इस वीडियो पर एक नजर जरूर डाल लें. जी हां…उसके बाद शायद आपका मन बदल जाए. दरअसल, इंस्टाग्राम पर कंटेंट क्रिएटर उर्वशी अग्रवाल ने एक वीडियो शेयर किया है. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में कथित तौर पर राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अधिकारी पंकज ओझा द्वारा फूड टेस्ट किया जा रहा है. वीडियो में ओझा रेस्टोरेंट के स्टोर में नजर आ रहे हैं. इसमें वे वहां मौजूद लोगों से सवाल पूछ रहे हैं.

RAS के अधिकारी पंकज ओझा को सवाल करते हुए वीडियो में सुना जा सकता है. वे कहते हैं, ”यह कितने दिनों पुराना है, इसे फ्रीजर में रखा गया है… यह एक चिंताजनक स्थिति है. ये बहुत दिनों से यहां रखा गया है. इसमें ग्रेवी के साथ कच्चे चिकन को रखा गया है. बहुत ही अलार्मिंग सिचुएशन है. लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.” आरएएस अधिकारी बाद में गंदे पानी में रखे पनीर के टुकड़े का टेस्ट करते हैं, जिसे वे बदबूदार बताते हैं. देखें पूरा वीडियो

वायरल वीडियो पर यूजर लगातार रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने सवाल किया- खाने को कैसे तैयार किया जा रहा है, यह देखने के लिए हमारे पास ओपन कैमरे वाली रसोई क्यों नहीं हो सकती? एक अन्य यूजर ने लिखा- उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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