Viral Video: मछली पकड़ने में मस्त था युवक, तभी पीछे से आया बब्बर शेर, वीडियो देख थम जाएगी सांसें

Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने तहलका मचा दिया है, जो डर और रोमांच का अनोखा संगम है. नदी किनारे एक युवक, मछली पकड़ने में पूरी तरह डूबा हुआ, बेखबर बैठा है. उसका ध्यान सिर्फ अपनी मछली और कांटे पर है, लेकिन पीछे से एक खतरनाक मेहमान दबे पांव उसकी ओर बढ़ रहा है – एक बब्बर शेर.

Viral Video: जैसे ही शेर पास आता है, वीडियो में सस्पेंस अपने चरम पर पहुंच जाता है. युवक को जरा भी भनक नहीं कि मौत उसके ठीक पीछे खड़ा है. फिर, अचानक वह पीछे मुड़ता है और… शेर की चमकती आंखों से उसका सामना होता है. उसका चेहरा डर से सफेद पड़ जाता है, मुंह से आवाज गायब, और शरीर कांपने लगता है. शेर भी उसे एकटक घूर रहा है, मानो दोनों के बीच एक खामोश जंग छिड़ गई हो.

Viral Video: शेर को देखकर भय से कांप उठा युवक

डर के मारे युवक धीरे-धीरे नदी की ओर कदम बढ़ाता है, शायद जान बचाने की आखिरी कोशिश में. लेकिन तभी वीडियो खत्म. क्या हुआ आगे? क्या युवक बच पाया, या शेर ने दबोच लिया? यह रहस्य दर्शकों को बेचैन छोड़ देता है. यह वीडियो न सिर्फ डरावना है, बल्कि उस पल की अनिश्चितता को इतने रोमांचक अंदाज में पेश करता है कि हर कोई इसे बार-बार देखने को मजबूर हो जाए.

वीडियो पर लगातार कमेंट्स कर रहे लोग

शेर और युवक का वायरल हो रहे वीडियो को देखकर लोग भयभीत हो रहे हैं. यूजर लगातार कमेंट्स कर रहे हैं. वीडियो को augingenuity नाम के यूजर ने इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया है. वीडियो को अब तक हजारों लोगों देख लिया है.

वीडियो की सच्चाई आई सामने

सोशल मीडिया पर वायरल उस दिल दहला देने वाले वीडियो ने सबको सकते में डाल रखा था, जिसमें एक युवक मछली पकड़ते-पकड़ते बब्बर शेर के सामने आ जाता है. लोग डर से कांप उठे, सांसें थम गईं, और हर कोई ये सोचने को मजबूर था कि आखिर आगे क्या हुआ. लेकिन तभी, सोशल मीडिया के जासूसों ने खेल पलट दिया. एक यूजर ने कमेंट में वीडियो की पोल खोलते हुए खुलासा किया कि ये डरावना मंजर असली नहीं, बल्कि वीएफएक्स का कमाल है. उसने लिखा, “भाई, क्या लाजवाब काम किया है. वीएफएक्स की मेहनत और लगन साफ झलक रही है. शेर भी असली सा लगता है, और डर भी. शाबाश, कमाल कर दिया.” इस कमेंट ने वीडियो की हकीकत को तो उजागर कर दिया, लेकिन साथ ही क्रिएटर की तारीफ भी बटोर ली. तो भई, ये वीडियो भले ही नकली हो, मगर इसका रोमांच और उस शेर की डिजिटल दहाड़ असली जैसी थी, जिसने सबके रोंगटे खड़े कर दिए.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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