Viral Video: कीचड़ खेत में सांपों का जखीरा, वीडियो की सच्चाई जान रह जाएंगे दंग

Viral Video: सोशल मीडिया की दुनिया में हर दिन कुछ न कुछ ऐसा वायरल होता है, जो देखकर आंखें फटी रह जाएं और दिमाग चकरघिन्नी बन जाए. इस बार जो वीडियो ने तहलका मचाया है, वो है सांपों की खेती का. जी हां, आपने सही पढ़ा. खेत में धान या गेहूं नहीं, बल्कि सैकड़ों सांपों का जमावड़. यह वीडियो इतना हैरान करने वाला है कि इसे देखकर आप अपना माथा पकड़ लेंगे और सोच में पड़ जाएंगे कि आखिर ये हो क्या रहा है?खेत में सांपों का तांडव.

Viral Video: वीडियो में एक कीचड़ भरा खेत दिखाई देता है, जो देखने में ऐसा लगता है मानो धान की खेती की तैयारी चल रही हो. लेकिन रुकिए, जरा करीब से देखिए- यहां धान की जगह सांपों का मेला लगा है. सैकड़ों की संख्या में सांप खेत में इधर-उधर रेंगते, फिसलते और कुछ तो हवा में उड़ते हुए दिख रहे हैं. हां, उड़ते हुए सांप. अब ये सांप उड़ रहे हैं या वीडियो में कोई जादू चल रहा है, ये तो वीडियो देखकर ही समझ आएगा.

सांपों की खेती का कोई नया बिजनेस मॉडल?

खेत में JCB मशीन भी काम करती नजर आ रही है, लेकिन उसे देखकर ऐसा लगता है जैसे वो सांपों के बीच से रास्ता बना रही हो. आसपास सांपों का ऐसा हुजूम है कि मानो वो खेत के असली मालिक हों. वीडियो इतना अजीबो-गरीब है कि एक पल के लिए विश्वास ही नहीं होता कि ऐसा भी हो सकता है. क्या ये सांपों की खेती का कोई नया बिजनेस मॉडल है, या फिर कोई डिजिटल जादूगरी? यह सवाल हर उस शख्स के दिमाग में घूम रहा है, जो ये वीडियो देख रहा है.

सोशल मीडिया पर हंगामा

सोशल मीडिया पर ये वीडियो आग की तरह फैल रहा है. कोई इसे मजेदार बता रहा है, तो कोई हैरान होकर सवाल उठा रहा है कि आखिर ये खेत है या सांपों का अड्डा? यूजर्स के कमेंट्स की बाढ़ आ गई है. कोई कह रहा है, “ये तो हॉरर मूवी का सीन लगता है!” तो कोई मजाक में पूछ रहा है, “क्या सांपों की फसल काटने का सीजन आ गया?”

सांपों की खेती वाले वीडियो का क्या है सच?

सांपों की खेती वाले वीडियो की पोल सोशल मीडिया यूजर ने खोल दी. वीडियो देखकर लोगों ने उसका ऑपरेशन कर दिया और बता दिया कि ये ओरिजिनल नहीं बल्कि AI वीडियो है. जिसे बड़ी सफाई के साथ एडिटिंग की गई है. एक यूजर ने तो यहां तक लिख दिया कि भाई इतना भी फेक वीडियो मत बनाओ नहीं तो इंस्टाग्राम बैन कर देगा. एक यूजर ने लिखा, AI भविष्य के लिए खतरनाक साबित होगा. उसने अन्य लोगों से राय भी मांगी. कुछ लोगों ने जेसीबी को देखकर की वीडियो को फेक बता दिया. क्योंकि जेसीबी में तीन बकेट दिख रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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