Viral Video: शावकों संग शेरनी को देख, दुम दबाकर भागा शेर, वीडियो देख लोगों की छूट गई हंसी

Viral Video: सोशल मीडिया पर एक मजेदार वीडियो ने तहलका मचा रखा है, जिसमें जंगल का राजा शेर अपनी ही शेरनी और शावकों से इस कदर खौफ खाता है कि लोग हंसी नहीं रोक पा रहे.

Viral Video: वीडियो में दिखता है कि एक बब्बर शेर घास के बीच बड़े मजे से सुस्ता रहा है, मानो दुनिया की कोई टेंशन ही न हो. लेकिन तभी जंगल में ड्रामा शुरू होता है. शेरनी अपनी पूरी फौज, यानी छह नन्हे शावकों के साथ धमाकेदार एंट्री मारती है. शेरनी का रौद्र रूप और शावकों की किलकारी देखकर शेर का ‘राजा वाला स्वैग’ पल में हवा हो जाता है. वो झट से उठता है और ऐसा भागता है जैसे उसे अचानक कोई बहुत जरूरी मीटिंग याद आ गई हो. पलक झपकते ही शेर फ्रेम से गायब, और पीछे छूट जाती है शेरनी, जो उसे ‘क्या हुआ, कहां चले?’ वाले अंदाज में देखती है. फिर वो अपने शावकों के साथ बिंदास आगे बढ़ जाती है, जैसे कह रही हो, “चलो, कोई बात नहीं, जंगल हम संभाल लेंगे!”

यूजर्स हंस-हंसकर पागल हो रहे

शेर और शेरनी वाला वीडियो इतना मजेदार है कि यूजर्स हंस-हंसकर पागल हो रहे हैं. कोई कह रहा है, “ये तो घर-घर की कहानी है!” तो कोई मजाक उड़ा रहा है कि शेर को शायद शेरनी का ‘डिनर तैयार करो’ वाला लुक याद आ गया. कुल मिलाकर, जंगल के इस ‘डरपोक राजा’ ने लोगों का दिन बना दिया.

जिम्मेदारी से भागना

शेरनी और शावकों के वीडियो को वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर जैक्स ब्रायम ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया है. वीडियो के साथ उसने जो लिखा काफी दिलचस्प है. उसने पहले तो लिखा, “इस पल को आप क्या कैप्शन देंगे?” फिर उसने आगे लिखा, “सिर्फ गलत जवाब! मैं सबसे पहले बताऊंगा.” आखिर में उसने जो लिखा देखकर हंसी आ जाएगी. उसने लिखा, “जब आप ‘बच्चों की देखभाल करने की आपकी बारी’ सुनते हैं… और अचानक कोई बहुत जरूरी काम याद आ जाता है.”

इंटरनेट में फुटा हंसी का फव्वारा

शेर और शेरनी के वीडियो को देखकर लोगों की हंसी नहीं थम रही है. वीडियो को अब तक हजारों लोगों ने देख लिया है और अपनी प्रतिक्रिया भी दिया है. एक यूजर ने लिखा, “सोचा नहीं था कि आप और बच्चे इतनी जल्दी घर आ जाएंगे.” एक अन्य ने लिखा, “माफ कीजिए! एक जरूरी अपॉइंटमेंट है, मैं भूल गया था.”

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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