Viral Video: 1500 KG से अधिक सेब से बनी गणेश प्रतिमा, विसर्जन के लिए अनूठी योजना तैयार

Viral Video: महाराष्ट्र, गोवा समेत देश के अन्य राज्यों में गणेश चतुर्थी से 10 दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई है. लोगों ने गाजे-बाजे के साथ धूमधाम से अपने प्रिय बप्पा का स्वागत किया और घरों, आवासीय परिसरों के साथ-साथ सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणपति विराजमान हुए. भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमाएं भी सामने आने लगी हैं. सोशल मीडिया पर गणेशोत्सव के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं.

Viral Video: ओडिशा के संबलपुर में गणेशोत्सव के मौके पर गणेश की बेहद आकर्षक प्रतिमा स्थापित की गई है. प्रतिमा सेब से बनाई गई है. जिसे नटराज क्लब ने तैयार कराया है. प्रतिमा की ऊंचाई 26 फीट से अधिक है और इसका वजन 1,500 किलोग्राम से अधिक है.

विसर्जन के लिए खास तैयारी

नटराज क्लब के सदस्य निर्मल राठी ने बताया, ” इस गणेश प्रतिमा की तैयारी पिछले ढाई-तीन महीने से चल रही है. सभी सदस्य संबलपुर से हैं. कुल मिलाकर लगभग 1,500 से 1,800 किलो सेब हैं. इसकी ऊंचाई 26 फीट तक है. यहां पूजा 4 सितंबर तक जारी रहेगी. विसर्जन के बाद, हम सेब को प्रसाद के रूप में वितरित करेंगे. कोई भी सेब बर्बाद नहीं होगा.”

महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की खास तैयारी

समृद्धि के अग्रदूत और विघ्नहर्ता कहलाने वाले भगवान गणपति के स्वागत के लिए पूरे मुंबई में भव्य सजावट की गई है. महाराष्ट्र सरकार ने इस वर्ष पहली बार गणेशोत्सव को राज्य उत्सव के रूप में घोषित किया है. उत्सव के दौरान इन दस दिनों में राज्य के संस्कृति विभाग द्वारा कई उपक्रम, कार्यक्रम, समारोह और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी. सभी मंडलों से आग्रह किया गया है कि वे छत्रपति शिवाजी महाराज के उन 12 किलो – जिन्हें ‘यूनेस्को’ (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन) द्वारा विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है – के साथ-साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और स्वदेशी भावना के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में पहल करें.

सुरक्षा में तैनात रहेंगे 17600 जवान

मुंबई पुलिस के अनुसार, उसके 17,600 जवान महानगर की सड़कों पर तैनात रहेंगे. घुड़सवार पुलिस दस्ता, ड्रोन, बम निरोधक दस्ता और श्वान दस्ते भी उनकी व्यापक तैनाती का हिस्सा हैं. त्योहार के दौरान लाखों भक्त ‘लालबाग का राजा’ जैसे कुछ लोकप्रिय पंडालों में दर्शन के लिए आते हैं। इस क्षेत्र के अन्य प्रसिद्ध मंडलों में चिंचपोकली, गणेश गली और तेजुकाया शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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