Kerala : केरल के पुन्नप्रा निवासी एक महिला के पेट में सर्जरी के पांच वर्ष बाद सर्जिकल औजार ‘आर्टरी फोर्सेप्स’ पाए जाने का मामला सामने आया है. मामले को लेकर परिजनों ने बताया कि ऊषा जोसेफ की मई 2021 में वंदनम स्थित अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज में गर्भाशय में बने ‘फाइब्रॉइड’ हटाने के लिए सर्जरी की गयी थी. ऊषा के बेटे शिबिन ने मीडिया को बताया कि सर्जरी के बाद से उनकी मां को लगातार पेट दर्द होने लगा. उन्होंने आरोप लगाया कि ऊषा ने उसी अस्पताल में कई बार डॉक्टरों से संपर्क किया, लेकिन दर्द का कारण पता नहीं चल पाया.
महिला के बेटे ने बताया कि हाल ही में उनकी मां ने एक डॉक्टर से परामर्श लिया जिन्होंने गुर्दे में पथरी होने की आशंका जताई. डॉक्टरों ने एक्स-रे जांच कराने की सलाह दी. शिबिन ने बताया कि एक्स-रे रिपोर्ट में कथित रूप से पेट के भीतर एक ‘आर्टरी फोर्सेप्स’ दिखाई दिया. इसके बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने अगले सप्ताह इसे निकालने की पेशकश की.
हम कोई और जोखिम नहीं लेना चाहते : महिला के बेटे ने कहा
शिबिन ने कहा कि हालांकि, हम कोई और जोखिम नहीं लेना चाहते थे, इसलिए उन्हें कोच्चि के एक प्राइवेट अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है. यहां के डॉक्टर जल्द ही ऑपरेशन करेंगे. उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने हमसे कहा कि यदि हम चाहें तो शिकायत दर्ज करा सकते हैं. हमने अब अंबालापुझा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया है.
अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज की सेवानिवृत्त सर्जन डॉ. ललितांबिका (जिनके खिलाफ परिजनों ने लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं) ने कहा कि संबंधित सर्जरी उन्होंने नहीं की थी1 डॉ. ललितांबिका ने मीडिया से कहा कि यह सर्जरी मेरी सेवानिवृत्ति से ठीक पहले हुई थी, जब मैं किसी बड़े मामले को नहीं देख रही थी. यूनिट हेड होने के कारण मेरा नाम दर्ज हुआ. साथ ही, यह सर्जरी कोविड काल के दौरान हुई थी और मैं उससे जुड़े कार्यों में व्यस्त थी. ललितांबिका ने इस आरोप से भी इनकार किया कि उन्होंने सर्जरी से पहले मरीजों से पैसा लिया था. उन्होंने इस त्रुटि का कारण सरकारी अस्पताल की खराब व्यवस्था को बताया.
निलंबित किया जाएगा दोषियों को
स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि जो अधिकारी इस सर्जरी में शामिल थे और वर्तमान में सरकारी सेवा में कार्यरत है, उन्हें जांच के तहत निलंबित किया जाएगा. उनके अनुसार, इस मामले में प्रारंभिक जांच की गई और चिकित्सा शिक्षा निदेशक (डीएमई) को एक रिपोर्ट सौंपी गई.
