सीपी राधाकृष्णन होंगे देश के 17वें उप राष्ट्रपति, RSS से लंबा नाता, समर्थकों में 'तमिलनाडु का मोदी' नाम से हैं विख्यात

Vice President Election Result: सीपी राधाकृष्णन अब देश के 17वें उपराष्ट्रपति बनने वाले हैं. महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के राज्यपाल रह चुके राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति पद का चुनाव जीत लिया है. वो दो बार कोयंबटूर से लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं.

Vice President Election Result: महाराष्ट्र के राज्यपाल चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन भारत के 17 वें उपराष्ट्रपति होंगे. उन्होंने उपराष्ट्रपति का चुनाव जीत लिया है. एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन ने इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी को हरा दिया है. जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफा देने के बाद उपराष्ट्रपति का चुनाव कराया गया था, जिसमें बीजेपी और आरजेडी की पहली पसंद चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन थे. राधाकृष्णन को 452 वोट मिले. वहीं, विपक्ष के प्रत्याशी बी सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट हासिल हुए. राधाकृष्णन युवावस्था से ही आरएसएस और जनसंघ से जुड़ गए थे. वह 1990 के दशक के अंत में कोयंबटूर से दो बार लोकसभा चुनाव जीते और उनके समर्थक उन्हें ‘तमिलनाडु का मोदी’ के नाम से भी संबोधित करते हैं.

कई राज्यों के रह चुके हैं राज्यपाल

राधाकृष्णन 1998 और 1999 में दो बार जीत के बाद तमिलनाडु के कोयंबटूर से लगातार तीन लोकसभा चुनाव हार गए थे. हालांकि, कहा जाता है कि तमिलनाडु में सभी दलों में उनका बहुत सम्मान है, जिसके परिणामस्वरूप बीजेपी ने उन्हें कई राज्यों का राज्यपाल बनाया. एक ओबीसी नेता होने के नाते, उनकी उम्मीदवारी विपक्ष के एक प्रमुख राजनीतिक विमर्श को निष्क्रिय करने का भी प्रयास करती है. उन्होंने 31 जुलाई, 2024 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी. इससे पहले उन्होंने लगभग डेढ़ साल तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया था. झारखंड के राज्यपाल के रूप में उन्हें तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था. विभिन्न राज्यों में राज्यपाल पद संभालने के बाद भी, वह अक्सर तमिलनाडु का दौरा करते रहे हैं. अपने हालिया तमिलनाडु दौरे के दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों में भाग लिया और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से भी मुलाकात की थी.

राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर

तमिलनाडु के तिरुपुर में 20 अक्टूबर 1957 को जन्मे राधाकृष्णन के पास व्यवसाय प्रबंधन में स्नातक की डिग्री है. 16 साल की उम्र में आरएसएस के स्वयंसेवक के रूप में शुरुआत करने वाले राधाकृष्णन 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य बने. साल 1996 में राधाकृष्णन को बीजेपी की तमिलनाडु इकाई का सचिव नियुक्त किया गया. वह 1998 में कोयंबटूर से पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए और 1999 में वह फिर से इस सीट से लोकसभा के लिए चुने गए. सांसद के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने विभिन्न संसदीय समितियों के अध्यक्ष और सदस्य के रूप में कार्य किया.

93 दिनों तक की रथयात्रा

साल 2004 से 2007 के बीच राधाकृष्णन तमिलनाडु बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रहे. इस पद पर रहते हुए, उन्होंने 19,000 किलोमीटर की रथ यात्रा की. यह यात्रा 93 दिनों तक चली. एक उत्साही खिलाड़ी राधाकृष्णन टेबल टेनिस में कॉलेज चैंपियन और लंबी दूरी के धावक रहे हैं. ऐसा कहा जाता है कि 2004 में द्रमुक की ओर से एनडीए से किनारा करने के बाद तमिलनाडु में बीजेपी ने लिए नया गठबंधन बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी.

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Author: Pritish Sahay

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