Uttarkashi: मजदूरों की सुरंग से सकुशल वापसी के लिए प्रार्थना, ऑगर मशीन में खराबी के कारण ड्रिल का काम रुका

उत्तरकाशी के डीएम अभिषेक रूहेला ने कहा, हमने अधिकांश दूरी तय कर ली है और थोड़ा काम बाकी है. हमारी टीमें लगातार उन तकनीकी समस्याओं को दूर करने की कोशिश कर रही हैं जिनका हम सामना कर रहे हैं. रेस्क्यू कब खत्म होगा यह कहना संभव नहीं है लेकिन काम लगातार जारी है.

उत्तरकाशी (उत्तराखंड) के सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने का काम जारी है. लेकिन इस बीच ऑगर मशीन में खराबी के कारण ड्रिलिंग का काम कुछ देर के लिए रोक दिया गया है. हालांकि मशीन को ठीक करने का काम जारी है. दिल्ली से 7 विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया है.

सुरंग के बाहर मजदूरों के लिए की जा रही प्रार्थना

सुरंग में फंसे 41 मजदूरों की सकुशल वापसी के लिए लगातार प्रार्थना की जा रही है. सुरंग के बाहर मंदिर की स्थापना की गई है. सुरंग के मुख्य द्वार पर बने मंदिर में लगातार पूजा-पाठ और प्रार्थना की जा रही है.

रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरी दौर पर

उत्तरकाशी के डीएम अभिषेक रूहेला ने कहा, हमने अधिकांश दूरी तय कर ली है और थोड़ा काम बाकी है. हमारी टीमें लगातार उन तकनीकी समस्याओं को दूर करने की कोशिश कर रही हैं जिनका हम सामना कर रहे हैं. रेस्क्यू कब खत्म होगा यह कहना संभव नहीं है लेकिन काम लगातार जारी है और इसकी निगरानी राज्य और केंद्र सरकार द्वारा की जा रही है. हमें भारत सरकार से हर संभव मदद मिल रही है.

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मजदूरों को अस्पताल पहुंचाने के लिए बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर

उत्तरकाशी के एसपी अर्पण यदुवंशी ने रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में बताया, हमारी बचाव कार्य योजना तैयार है. हम श्रमिकों को पुलिस एस्कॉर्ट के साथ ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से ले जाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें बेहतर उपचार प्रदान किया जाय. मजदूरों को पहले चिन्यालीसौड़ में 41 बिस्तरों वाले अस्पताल में ले जाया जाएगा और फिर जरूरत हुई तो ऋषिकेश ले जाया जाएगा. कुछ वीआईपी मूवमेंट होने वाले हैं. केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह (सेवानिवृत्त) आएंगे.

रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेने उत्तरकाशी पहुंचे जनरल वीके सिंह

उत्तरकाशी (उत्तराखंड) सुरंग बचाव कार्य का जायजा लेने केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह (सेवानिवृत्त) सिल्कयारा सुरंग स्थल पर पहुंचे. जहां फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चल रहा है.

अगले 14-15 घंटों में हम 60 मीटर तक पार कर लेंगे : भास्कर खुल्बे

उत्तरकाशी सुरंग बचाव पर PMO के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे ने कहा, हमें उम्मीद है कि जो बाधाएं आनी थीं उसे हम पार कर चुके हैं. अगले 14-15 घंटों में हम 60 मीटर तक पार कर लेंगे, ड्रिलिंग का काम जारी है. 12 से 14 घंटे हमें वहां पहुंचने में लगेंगे. उसके बाद वहां श्रमिकों को एकत्र करके NDRF की सहायता से बाहर निकालने में 2-3 घंटे का समय लग सकता है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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