Uttarkashi Cloud Burst Video: उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो काफी डरावना है. जिसमें साफ देखा जा सकता है कि एक सूखे नाले में अचानक बाढ़ का पानी आ जाता है. जिसने आस-पास के घरों को अपनी चपेट में ले लिया.
महिलाओं की चीखों ने बयां किया भयावह मंजर
उत्तरकाशी के धराली में बादन फटने का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वो काफी डरावना है. वीडियो में महिलाओं के चीखने और चिल्लाने की आवाज सुनी जा सकती है. लोगों से भागने की अपील भी लोग करते सुने जा सकते हैं.
राहत और बचाव कार्य जारी
उत्तरकाशी पुलिस ने बताया, “उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र में खीरगाड़ के बढ़ते जल स्तर के कारण, धराली में नुकसान की खबर है. जिसके बाद एसडीआरएफ, सेना और अन्य टीमों को घटनास्थल पर राहत और बचाव चलाने का निर्देश दे दिया गया है.
उत्तराखंड में भारी बारिश, जनजीवन अस्त-व्यस्त
उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर पिछले 48 घंटों से रुक-रुक कर लगातार बारिश होने से गंगा, यमुना सहित सभी नदी-नाले उफान पर आ गए और भूस्खलन से सड़के बाधित हो गयीं जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.
अलगे 24 घंटे में 11 जिलों में भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में प्रदेश के 13 में से 11 जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त करते हुए जलभराव होने तथा बाढ़ का खतरा पैदा होने की चेतावनी जारी की है. बारिश के अलर्ट को देखते हुए प्रदेश के ज्यादातर जिलों में मंगलवार को स्कूल बंद रखे गए. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गयी. नरेंद्रनगर में 172.5 मिमी, देहरादून में 132, कोटद्वार में 122, रोशनाबाद में 95 मिमी, लक्सर में 85, ऋषिकेश में 81.8 मिमी, काशीपुर में 70 और भगवानपुर में 58 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी.
इन जगहों पर भारी बारिश और बाढ़ का आशंका
मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान में अगले 24 घंटों में प्रदेश के अल्मोड़ा, चमोली, देहरादून, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, पिथौरागढ़, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी और चंपावत जिलों के कुछ स्थानों में भारी बारिश होने तथा उसके कारण जलभराव की स्थिति या बाढ़ के खतरे की आशंका व्यक्त की गयी है. इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा सभी जिलाधिकारियों को सतर्कता बरतने तथा 24 घंटे अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं.
हरिद्वार में बारिश के कारण भूस्खलन
हरिद्वार में बारिश के कारण हर की पौड़ी के पास भीमगोडा रोड पर पहाड़ी से भूस्खलन होने से भारी मात्रा में मलबा आ गया है जिससे हर की पौड़ी मार्ग बाधित हो गया. पांच राष्ट्रीय राजमार्ग और सात राज्य राजमार्गों सहित कुल 163 सड़कें भूस्खलन होने के कारण यातायात के लिए बंद हो गयी हैं. उत्तरकाशी जिले में स्याणाचट्टी के पास ऋषिकेश-यमुनोत्री राजमार्ग का 25 मीटर हिस्सा भूधंसाव के कारण पिछले दो दिनों से बाधित है जबकि नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग बल्दियाखान के पास मलबे से अवरूद्ध है. बैजनाथ-खरसाली राष्ट्रीय राजमार्ग बागेश्वर जिले में रामगंगा पुल के समीप मलबा आने से बाधित है.
गंगा, यमुना सहित सभी नदियां और नाले उफान पर
लगातार बारिश से प्रदेश में गंगा, यमुना सहित सभी नदियां और नाले उफान पर हैं तथा प्रशासन ने फिलहाल लोगों से उनके किनारों से दूर रहने की अपील जारी की हैं. इन क्षेत्रों में पुलिसकर्मी लगातार गश्त पर हैं. हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर गया जिसके बाद जिला प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है. उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण के अनुसार, गंगा चेतावनी स्तर 293 मीटर से करीब 10 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. हरिद्वार में खतरे का निशान 294 मीटर है.
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