उत्तरकाशी रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरी चरण में, ऑगर मशीन में खराबी की वजह से ड्रिलिंग का काम रूका

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उत्तरकाशी रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरी चरण में, ऑगर मशीन में खराबी की वजह से ड्रिलिंग का काम रूका
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Uttarkashi: Security personnel and others at the under-construction tunnel between Silkyara and Dandalgaon on the Brahmakhal-Yamunotri national highway, days after a portion of the tunnel collapsed trapping several workers inside, in Uttarkashi district, Monday, Nov. 20, 2023. (PTI Photo)(PTI11_20_2023_000318A)

उत्तरकाशी रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरी चरण में, ऑगर मशीन में खराबी की वजह से ड्रिलिंग का काम रूका

मजदूरों के बाहर आने के बाद उन्हें फौरन अस्पताल पहुंचाने के लिए सुरंग के बाहर करीब 30 एम्बुलेंस को तैयार रखा गया है और डॉक्टरों की टीम को तैनात कर दिया गया है.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरी चरण में है. सुरंग में 6-8 मीटर ड्रिलिंग अभी बाकी रह गया है. हालांकि इस दौरान ड्रिलिंग मशीन में कुछ खराबी आ गई. जिसे ठीक कराने के लिए दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम को बुला लिया गया है.

सुरंग के बाहर एंबुलेंस तैयार

मजदूरों के बाहर आने के बाद उन्हें फौरन अस्पताल पहुंचाने के लिए सुरंग के बाहर करीब 30 एम्बुलेंस को तैयार रखा गया है और डॉक्टरों की टीम को तैनात कर दिया गया है. बुधवार को मलबे के बीच से स्टील पाइप की ड्रिलिंग में उस समय बाधा आई जब लोहे की कुछ छड़ें ऑगर मशीन के रास्ते में आ गईं थी.

अमेरिकी ऑगर मशीन से की जा रही ड्रिलिंग

सुरंग में ड्रिलिंग के लिए अमेरिकी ऑगर मशीन को काम पर लगाया गया है. मजदूरों तक पहुंचने के लिए मशीन को 57 मीटर के मलबे के माध्यम से ड्रिल करना पड़ा, जो 12 दिन पहले निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने से फंस गए थे. अब केवल 6-7 मीटर मलबा खोदा जाना बाकी है.

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पाइप में रेंगकर बाहर आएंगे मजदूर

ऑगर मशीन से ड्रिलिंग कर सुरंग के अंदर छह मीटर लंबे 900 मिलीमीटर व्यास के चार पाइप डाले जा रहे हैं. पाइप डाल दिये जाने के बाद मजदूर उसके जरिये रेंग कर सुरंग के बाहर आएंगे.

एयरलिफ्ट के लिए सुरंग के बाहर हेलीकॉप्टर तैयार

सुरंग के बाहर मजदूरों को एयरलिफ्ट करने के लिए एक हेलीकॉप्टर को भी तैयार रखा गया है. सुरंग में फंसे श्रमिकों के बाहर आने के बाद उनकी देखभाल के लिए चिन्यालीसौड़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 41 बिस्तरों का एक अस्पताल तैयार कर लिया गया. अधिकारियों ने कहा कि जिले के सभी अस्पतालों के साथ-साथ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश भी अलर्ट पर है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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