US ट्रैरिफ: कोर्ट के फैसले पर भारत का पहला बयान, कहा- हम बारीकी से स्टडी कर रहे हैं

US Tariffs: अमेरिका सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को लेकर जो फैसला सुनाया है, उसपर भारत की पहली प्रतिेक्रिया सामने आई है. कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर ने हम US सुप्रीम कोर्ट के फैसले, प्रेसिडेंट ट्रंप के प्रेस कॉन्फ्रेंस सहित सभी डेवलपमेंट्स का बारीकी से स्टडी कर रहे हैं. उसके क्या असर हो सकते हैं, उसपर ध्यान दिया जा रहा है.

US Tariffs: कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर एक बयान में कहा, शुक्रवार को टैरिफ के बारे में आया अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारे संज्ञान में है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया है. अमेरिकी प्रशासन की तरफ से कुछ कदमों की घोषणा की गई है. हम इन सभी घटनाक्रमों का उनके प्रभावों का बारीकी से स्टडी कर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को रद्द करने का फैसला सुनाया

ट्रंप की तरफ से पिछले साल भारत समेत करीब 60 देशों के खिलाफ जारी शुल्क आदेशों को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रद्द घोषित कर दिया. इसके बाद ट्रंप ने 10 प्रतिशत वैश्विक सीमा शुल्क लगाने की घोषणा कर दी. ट्रंप के ताजा ऐलान के मुताबिक, अमेरिका 24 फरवरी से 150 दिनों की अवधि के लिए आयातित वस्तुओं पर 10 प्रतिशत का अस्थायी एड-वेलोरम (मूल्य आधारित) आयात सरचार्ज लगाएगा.

अमेरिका ने भारत पर लगाया था 50 प्रतिशत टैरिफ

इससे पहले अमेरिका ने अगस्त में भारत पर 25 प्रतिशत का जवाबी शुल्क लगाया था. बाद में रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगा दिया जिससे कुल शुल्क बढ़कर 50 प्रतिशत तक पहुंच गया. हालांकि, फरवरी महीने की शुरुआत में दोनों देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर सहमति बनी, जिसके तहत अमेरिका शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमत हुआ है. रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए लगा दंडात्मक 25 प्रतिशत शुल्क हटाया जा चुका है जबकि शेष 25 प्रतिशत शुल्क प्रभावी चल रहा था.

भारतीय वस्तुओं पर 10 प्रतिशत टैरिफ रह जाएगा

हालांकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रंप की नई घोषणा के बाद भारतीय वस्तुओं पर शुल्क 10 प्रतिशत रह जाएगा. यह 10 प्रतिशत अधिभार अमेरिका में सर्वाधिक तरजीही देशों (एमएफएन) पर लागू मौजूदा शुल्क या अन्य आयात शुल्क के अतिरिक्त होगा. ट्रंप ने कहा है कि भारत के साथ व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह प्रक्रिया जारी है.

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Published by: ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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