'उर्दू में तिरंगा': PM मोदी के पॉकेट स्क्वायर पर पवन खेड़ा का तंज पड़ा उल्टा, यूजर ने समझा दिया कैमरा एंगल

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिधान (लुक) को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं. दरअसल, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पीएम मोदी की जैकेट की जेब में लगे तिरंगे के रंगों वाले 'पॉकेट स्क्वायर' को लेकर सवाल खड़े किए. हालांकि, उनका यह सवाल उठाना उन पर ही भारी पड़ गया और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस मुद्दे पर पवन खेड़ा को जमकर ट्रोल कर दिया.

समारोह के दौरान पीएम मोदी ने सफेद कुर्ता-पायजामा, चॉकलेट-ब्राउन रंग की जैकेट और लाल रंग का पारंपरिक बांधनी साफा पहना था. उनकी जैकेट की जेब में हरा, सफेद और केसरिया रंग का पॉकेट स्क्वायर दिखाई दे रहा था.

'उर्दू में तिरंगा या आयरलैंड का स्वतंत्रता दिवस?'

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पीएम मोदी की तस्वीर और वीडियो शेयर करते हुए तंज कसा. उन्होंने लिखा, “लगता है साहब ने उर्दू में तिरंगा पहना है. या फिर भारत की जगह आयरलैंड का इंडिपेंडेंस डे मना रहे हैं.” खेड़ा का यह तंज भारतीय तिरंगे और आयरलैंड के राष्ट्रीय ध्वज के रंगों के क्रम को लेकर था. भारतीय तिरंगे में रंगों का क्रम ऊपर से नीचे-केसरिया, सफेद और हरा होता है, जबकि आयरलैंड के झंडे में बाएं से दाएं- हरा, सफेद और नारंगी (केसरिया) रंग होता है. कांग्रेस का दावा था कि पॉकेट स्क्वायर में दिख रहा रंगों का क्रम आयरलैंड के झंडे जैसा लग रहा है.


सोशल मीडिया पर यूजर्स ने पवन खेड़ा को दिया जवाब

पवन खेड़ा के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें आड़े हाथों ले लिया और कैमरा एंगल और देखने के नजरिए का फर्क समझाया @StrategistHarsh नाम के यूजर ने लिखा, "पवन खेड़ा जी, तिरंगे में रंगों का क्रम क्या है? सबसे ऊपर केसरिया, फिर सफेद, फिर हरा. मोदी जी की जेब में भी यही क्रम है: सबसे ऊपर केसरिया, फिर सफेद, फिर हरा. मतलब, आप कोई भी तर्क ले आइए, अपनी किसी भी जानकारी का इस्तेमाल कर लीजिए, लेकिन भाई, कम से कम थोड़ी अक्ल तो साथ लाइए."@HulkSanatani यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा, "तारक मेहता का उल्टा चश्मा पता है ना." @alokkmohan ने टिप्पणी की, "अब आप लोग बीजेपी के स्टाइल में ही बोलने लगे हैं."एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए कहा, "पवन जी, पहले थोड़ा फैशन सेंस तो सीख लो."


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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