Urban Development: शहरों को स्वच्छ बनाने के लिए शुरू हुई स्वच्छ शहर जोड़ी पहल

स्वच्छ शहर जोड़ी पहल का मकसद शहरों में कचरे का प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना है. साथ ही शहरों की अच्छी पहल के अनुभव को साझा करना और शहरी भारत में स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन की सबसे अच्छी प्रणाली को लागू करना है.

Urban Development: शहरों को स्वच्छ बनाने के लिए केंद्र सरकार ने स्वच्छ शहर जोड़ी पहल की शुरुआत की है, जिसके तहत 72 संरक्षक शहरों और लगभग 200 प्रशिक्षु शहरों को शामिल किया जाएगा. स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग में शहरों के हालिया प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहरों की पहचान संरक्षक शहरों के तौर पर और कम प्रदर्शन करने वाले को प्रशिक्षु शहरों के साथ जोड़ा गया है. स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू) के तहत क्रियान्वित पहल की शुरुआत केंद्रीय शहरी एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की. इस दौरान संरक्षक और प्रशिक्षु शहरों के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया. 

स्वच्छ शहर जोड़ी पहल का मकसद शहरों में कचरे का प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना है. साथ ही शहरों की अच्छी पहल के अनुभव को साझा करना और शहरी भारत में स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन की सबसे अच्छी प्रणाली को लागू करना है. शहरी स्वच्छता से संबंधित दुनिया के सबसे बड़े सर्वेक्षण, ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ के विभिन्न संस्करणों में कई शहरों ने नेतृत्व और संचालन संबंधी चुनौतियों के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया है. ऐसे में इन शहरों में अपनाए गए उपाय को दूसरे शहरों भी लागू करने में यह पहल कारगर साबित होगी. 


हर शहर को स्वच्छ बनाने का है लक्ष्य


स्वच्छ शहर जोड़ी पहल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अंत्योदय की भावना पर जोर देते हुए कहा कि स्वच्छता के इस मिशन में कोई भी शहर पीछे न छूटे और हर शहर इस मिशन के सामूहिक ज्ञान भंडार से लाभान्वित हो, यह सरकार की कोशिश है. स्वच्छ भारत मिशन की भावना हमेशा सभी हितधारकों की क्षमता और योग्यता के निर्माण पर केंद्रित रही है. स्वच्छ भारत अभियान केवल एक औपचारिक साझेदारी नहीं है, बल्कि यह एक समयबद्ध और परिणाम-उन्मुख पहल है. यह शहरी कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में सबसे बड़ी तथा व्यवस्थित एवं समयबद्ध परामर्श व्यवस्थाओं में से एक है.

पिछले महीने मंत्रालय ने स्वच्छ शहर जोड़ी पहल से जुड़े दिशा निर्देश जारी किए थे. इसके तहत आधिकारिक तौर पर संरक्षक और प्रशिक्षु शहरों की जोड़ी बनाई गई. प्रशिक्षु शहरों को अच्छा प्रदर्शन करने वाले शहरों के साथ सीधा संपर्क मिलेगा ताकि वे उनकी सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपना सकें. शहरी परिवर्तन को गति देने में शहर-दर-शहर परामर्श के प्रभाव को प्रदर्शित करने के लिए मंत्रालय ने 100 दिवसीय कार्यक्रम शुरू किया है. 

इस दौरान सभी संरक्षक-प्रशिक्षु शहर की जोड़ी अनुभव साझा करने और ज्ञान हस्तांतरण पर केंद्रित और स्पष्ट रूप से परिभाषित लक्ष्यों के साथ कार्य योजना विकसित करने का काम करेगी. मंत्रालय विभिन्न राज्यों को स्वच्छ शहर जोड़ी के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक दिशा और नीतिगत-स्तर पर सहायता प्रदान करेगा. 

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Published by: Anjani kumar singh

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