UP Bypolls: ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ पर गरमाई राजनीति, सपा ने सीएम योगी पर कसा तंज, कहा- बयान देने वाले पिटेंगे

UP Bypolls: यूपी में उपचुनाव के पहले राजनीति गरमा गई है. सपा ने कहा है कि ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाले नारे से मतदाताओं को बांटने की कोशिश उपचुनाव में नाकाम हो जाएगाी.

UP Bypolls: यूपी में उपचुनाव से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर राजनीति गरमा गई है. उनके ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाले बयान पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने तंज कसा है. आजमगढ़ से सपा के सांसद धर्मेंद्र यादव की प्रतिक्रिया बयान पर आई है. उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वह नफरत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के लोग बंटने वाले नहीं हैं.

धर्मेंद्र यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूल गए हैं कि पीडीए के लोगों को उनकी सरकार और केंद्र ने नजरअंदाज किया. वे एकजुट हैं और मुख्यमंत्री के भाषणों के बावजूद बंटने वाले नहीं हैं. पीडीए के लोग अखिलेश यादव के साथ खड़े हैं. उपचुनाव के चुनाव के नतीजे आएंगे, तो आप देखेंगे कि लोगों ने क्या फैसला किया है?

‘पीडीए’ का नारा प्रमुख अखिलेश यादव ने दिया

उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ‘पीडीए’ का नारा दिया था और उनकी एकजुटता पर जोर दिया था. सपा नेता शिवपाल यादव का यह बयान कि जो लोग ‘बंटेगे तो कटेंगे’ जैसा बयान देंगे वो पिटेंगे, के संदर्भ में धर्मेन्द्र ने कहा कि यह तो स्पष्ट है कि चाचा (शिवपाल) उन लोगों की ओर इशारा कर रहे हैं जो नफरत फैलाने में जुटे हुए हैं. सरकार पीडीए को नजरअंदाज कर रही है जिसका नतीजा चुनाव में दिखेगा.

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हम बंटे थे, तो कटे थे: सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 सितंबर को अपनी ‘बटेंगे तो कटेंगे’ टिप्पणी को दोहराया और कहा- यह फूट ही थी जिसके कारण अयोध्या में आक्रमणकारियों ने राम मंदिर को नष्ट कर दिया. मिर्जापुर में एक कार्यक्रम में उन्होंने अयोध्या विवाद का जिक्र करते हुए और लोगों से एकजुट रहने का आग्रह किया, साथ ही कहा- हम बंटे थे, तो कटे थे. सीएम योगी के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पिछले दिनों मथुरा में कहा था कि यह सही ही है कि यदि हम (हिन्दू समाज) जाति, भाषा या प्रांत के भेद से बटेंगे, तो निश्चित रूप से कटेंगे. यही वजह है कि हिन्दू समाज में एकता जरूरी है.

(इनपुट पीटीआई)

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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