India Ukraine Relation: एनआईए ने गुप्त सूचना के आधार पर यूक्रेन और अमेरिकी नागरिक पर कार्रवाई की, जब वे म्यामां से मिजोरम सीमा के रास्ते भारत में घुसे थे. बाद में उन्हें देश के विभिन्न घरेलू हवाई अड्डों पर पकड़ लिया गया. एनआईए ने सभी 7 विदेशियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. फिलहाल सभी विदेशियों को कोर्ट ने 27 मार्च तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया है.
7 विदेशी नागरिकों पर म्यांमा में पीपुल्स डिफेंस फोर्स को ट्रेनिंग देने का आरोप
अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी विदेशी नागरिक म्यांमा में पीपुल्स डिफेंस फोर्स (पीडीएफ) को प्रशिक्षण दे रहे थे, जो म्यांमा के सैन्य जुंटा द्वारा आतंकवादी घोषित एक लोकतंत्र समर्थक समूह है. ईएजी भारतीय विद्रोही संगठनों को हथियार, गोला-बारूद और युद्ध प्रशिक्षण देकर उनका समर्थन भी कर रहे हैं. गिरफ्तार विदेशियों पर भारत के रास्ते म्यांमा में ड्रोन की बड़ी खेप अवैध रूप से पहुंचाने का भी आरोप है. एनआईए पड़ोसी देश में स्थित ईएजी को कथित रूप से ड्रोन पहुंचाये जाने की जांच कर रही हैं.
यूक्रेन ने एनआई की कार्रवाई को रूसी साजिश बताया
यूक्रेन ने एनआईए की कार्रवाई को रूसी साजिश का हिस्सा बताया और कहा- रूस की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर भारत में उनके नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. रूस दो मित्र देशों – यूक्रेन और भारत के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहा है. यूक्रेन ने भारत से अपने 6 नागरिकों की रहा करने की मांग की है. यूक्रेन ने इस मामले की पारदर्शी जांच की मांग की और जांच में सहयोग करने की इच्छा प्रकट की. यूक्रेन ने कहा कि वह भारत में आतंकवादी गतिविधियों का साथ देने में अपनी किसी तरह की संलिप्तता के आरोपों को सिरे से खारिज करता है. यूक्रेन की ऐसी किसी भी गतिविधि में कोई रुचि नहीं है जो भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सके. यूक्रेन लगातार भारत के साथ सुरक्षा, विश्वास और सहयोग को मजबूत करने की वकालत करता है.
अमेरिकी नागरिक को कोलकाता से किया गया गिरफ्तार
अमेरिकी नागरिक और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक मैथ्यू आरोन वैनडाइक को कोलकाता हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया. वह सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (एसओएलआई) के संस्थापक हैं. उनका दावा है कि वह लीबियाई क्रांति का हिस्सा रहे हैं.
दिल्ली और लखनऊ एयरपोर्ट पर गिरफ्तार हुए यूक्रेनी नागरिक
छह यूक्रेनी नागरिकों—हुरबा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफनकीव मारियन, होनचारुक मैक्सिम और कामिंस्की विक्टर को दिल्ली और लखनऊ एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया.
2024 में 2000 विदेशी मिजोरम आए थे : मुख्यमंत्री लालदुहोमा
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने पिछले साल मार्च में कहा था कि जून से दिसंबर 2024 तक लगभग 2000 विदेशी मिजोरम आए थे और उनमें से कई पर्यटक बनकर नहीं आए थे और बिना किसी को पता चले राज्य से चले गए थे. उन्होंने कहा कि म्यांमा जाने वाले विदेशी मिजोरम का गुप्त रूप से ट्रांजिट हब के रूप में उपयोग कर रहे हैं, जो केंद्र सरकार के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है.
