Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो सकती है. खबर है कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की पार्टी के कुछ सांसद पाला बदल सकते हैं. शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा है कि उनकी पार्टी के दरवाजे उन सभी नेताओं के लिए खुले हैं, जो मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में विश्वास रखते हैं. प्रताप सरनाईक ने कहा कि जो नेता शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के विचारों और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा रखते हैं, उनका पार्टी में स्वागत है. उन्होंने कहा कि यदि कोई सांसद या विधायक अपने वर्तमान नेतृत्व पर विश्वास नहीं करता और शिंदे के नेतृत्व में काम करना चाहता है, तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी.
उद्धव ठाकरे की बैठक में नहीं पहुंचे सभी सांसद
इस सियासी हलचल की शुरुआत रविवार (14 जून) को हुई जब उद्धव ठाकरे ने अपने लोकसभा सांसदों की बैठक बुलाई थी. पार्टी के नौ सांसदों में से केवल चार सांसद ही बैठक में शामिल हुए. इनमें अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल शामिल थे. वहीं ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख ऑनलाइन जुड़े, जबकि सांसद संजय जाधव ने फोन पर ठाकरे से बातचीत की.
संजय देशमुख की मुलाकात से बढ़ीं अटकलें
बैठक में शामिल नहीं होने वाले यवतमाल-वाशिम से सांसद संजय देशमुख ने पारिवारिक कारणों का हवाला दिया था. हालांकि इसके अगले ही दिन उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से मुलाकात की, जो शिंदे गुट की शिवसेना से जुड़े हैं. इस मुलाकात के बाद उनके पाला बदलने की अटकलें तेज हो गईं.
उद्धव गुट ने किया एकजुटता का दावा
हालांकि इन अटकलों के बीच शिवसेना (UBT) के नेताओं ने दावा किया है कि पार्टी के सभी सांसद उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े हैं. पार्टी सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि शिवसेना (UBT) के सभी सांसद एकजुट हैं और आगे भी एकजुट रहेंगे.
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
इनसबके बीच संजय देशमुख और शिंदे गुट के नेताओं के बीच हुई मुलाकात ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं को छेड़ दिया है. हालांकि अभी तक किसी सांसद की ओर से पार्टी छोड़ने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन बीते एक दो दिनों में जिस तरह की घटनाक्रम हो रही है उससे सियासी गलियारों में टूट को लेकर हलचल तेज हो गई है.
