उद्धव गुट ने ओम बिरला पर लगाया गंभीर आरोप, कहा- हमारे 6 सांसद छीन लिए गए

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को शिवसेना (UBT) के 6 बागी सांसदों के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दे दी. इस फैसले पर शिवसेना (UBT) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए स्पीकर ओम बिरला पर गंभीर आरोप लगा दिया है.

लोकसभा अध्यक्ष के इस फैसले पर शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा- "साल 2022 में जब हमारी पार्टी को तोड़ा जा रहा था, तब हमने अपनी कानूनी और सियासी लड़ाई शुरू की थी. आज 2026 आ चुका है, लेकिन इन चार वर्षों में हमें कभी यह समझ नहीं आया कि हमारी गलती क्या थी? हमसे हमारी ही पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न छीन लिया गया."

स्पीकर ओम बिरला की भूमिका भी किसी से छिपी नहीं है : यूबीटी प्रवक्ता

यूबीटी प्रवक्ता ने लोकसभा अध्यक्ष के रुख पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा, "अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की भूमिका भी किसी से छिपी नहीं है. जब हम न्याय के लिए कोर्ट जाते हैं, तो वहां लंबा समय लगता है. लेकिन जब मामला चुनाव आयोग (EC), लोकसभा स्पीकर या गवर्नर के पास जाता है, तो वे हमारे खिलाफ तुरंत आदेश जारी कर देते हैं."


2026 में एक बार फिर हमारी पार्टी को तोड़ा गया : आनंद दुबे

आनंद दुबे ने तत्कालीन राज्यपाल पर हमला बोलते हुए कहा कि उस समय के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी ने हमारे खिलाफ बड़ी और एकतरफा भूमिका निभाई थी. अब 2026 में एक बार फिर हमारी पार्टी को तोड़ा गया है और हमारे 6 सांसद छीन लिए गए हैं.

'लोकतंत्र कमजोर हुआ तो कैसे बनेंगे विश्वगुरु?'

आनंद दुबे ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इन फैसलों से साफ पता चलता है कि देश में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है. उन्होंने सवाल उठाया, "अगर लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का भरोसा ही कमजोर हो जाएगा, तो हम 'विकसित भारत' या 'विश्वगुरु' बनने का सपना कैसे पूरा करेंगे?"


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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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