ट्रंप का 50% टैरिफ बम, छोटी कंपनियों पर खतरा, इन क्षेत्रों पर संकट के बादल

Trump Additional Tariff On India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा से छोटी कंपनियों पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है. इसके अलावा कई क्षेत्र हैं, जिसपर टैरिफ का असर साफ तौर पर दिखेगा.

Trump Additional Tariff On India: अमेरिका के भारतीय आयातों पर घोषित शुरुआती 25 प्रतिशत टैरिफ गुरुवार से लागू हो गए. डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया था, ”आधी रात हो गई है!!! अरबों डॉलर के शुल्क अब संयुक्त राज्य अमेरिका में आ रहे हैं!” ट्रंप ने बुधवार को रूस से तेल खरीद जारी रखने पर भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे. इसके साथ ही भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में लगने वाला शुल्क अब बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है. अतिरिक्त शुल्क 21 दिन बाद लागू होगा.

ट्रंप के टैरिफ का सबसे अधिक प्रभाव कपड़े के निर्यात पर होने की आशंका

डोनाल्ड ट्रंप के 50 प्रतिशत टैरिफ का सबसे अधिक असर परिधान निर्यात पर पड़ने वाला है. अमेरिका भारतीय तैयार परिधान निर्यात का एक प्रमुख बाजार है. भारत के कुल परिधान निर्यात में 2024 में अमेरिका का हिस्सा 33 प्रतिशत था. परिधान निर्यातकों के संगठन एईपीसी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को दोगुना करके 50 प्रतिशत करने का फैसला सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों के लिए बहुत बुरा है. खासकर अमेरिकी बाजार पर अत्यधिक निर्भर उद्यमों के लिए खतरे की घंटी है.

ट्रंप के 50 प्रतिशत टैरिफ से किन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर

डोनाल्ड ट्रंप के 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ से कपड़ा, समुद्री उत्पाद और चमड़ा निर्यात जैसे क्षेत्रों पर बुरा असर पड़ने की आशंका है. इस कदम से अमेरिका को भारत के 86 अरब डॉलर के निर्यात पर गंभीर असर पड़ेगा. जिन क्षेत्रों को इन शुल्कों से नुकसान होगा, उनमें कपड़ा/ परिधान, रत्न और आभूषण, झींगा, चमड़ा और जूते, पशु उत्पाद, रसायन, बिजली और यांत्रिक मशीनरी शामिल हैं. सबसे अधिक टैरिफ लगने से भारत के प्रतिस्पर्धी देश अमेरिकी बाजार में बेहतर स्थिति में होंगे, क्योंकि उनका शुल्क कम है.

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इन क्षेत्रों पर अमेरिकी टैरिफ का असर नहीं पड़ेगा

अमेरिकी टैरिफ का जिन क्षेत्रों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है, उसमें दवा, ऊर्जा उत्पादों (कच्चा तेल, परिष्कृत ईंधन, प्राकृतिक गैस, कोयला और बिजली) महत्वपूर्ण खनिज और इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं. इनपर शुल्क लागू नहीं होंगे.

अमेरिका ने किन देशों के पर लगाया ट्रैरिफ

अमेरिका ने भारत और ब्राजील के उत्पादों पर सबसे अधिक 50 प्रतिशत शुल्क लगाया है. अमेरिका ने म्यांमार पर 40 प्रतिशत, थाईलैंड और कंबोडिया पर 36 प्रतिशत, बांग्लादेश पर 35 प्रतिशत, इंडोनेशिया पर 32 प्रतिशत, चीन और श्रीलंका पर 30 प्रतिशत, मलेशिया पर 25 प्रतिशत, फिलीपींस और वियतनाम पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाया है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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