Tirupati Laddu Prasadam Row: जगन मोहन रेड्डी ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, कहा- केंद्र सरकार करे सच्चाई उजागर

Tirupati Laddu Prasadam Row: तिरुमाला लड्डू विवाद मामले में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने पीएम मोदी और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखा है.

Tirupati Laddu Prasadam Row: तिरुमाला लड्डू विवाद मामले में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कहा है कि सीएम चंद्रबाबू नायडू ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है. उन्होंने पीएम मोदी और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र भी लिखा है. अपने पत्र में उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की ओर से तिरुमला तिरुपति देवस्थानम पर लगाए गए निराधार आरोपों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने सीएम नायडू के तिरुमाला लड्डू निर्माण में इस्तेमाल होने वाले घी में मिलावट वाले बयान की कड़ी निंदा की है.

वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने तिरुमला में घी में मिलावट के आरोपों को लेकर सीएम चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधते हुए कहा है कि वो अपने 100 दिन के शासन से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हर छह महीने में घी सप्लायर चयन करना तिरुमला तिरुपति देवस्थानम की एक नियमित प्रक्रिया है. यह दशकों से जारी है. बता दें, टीडीपी सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू ने 18 सितंबर को आरोप लगाया था कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार ने श्री वेंकटेश्वर मंदिर को भी नहीं बख्शा और लड्डू बनाने के लिए घटिया सामग्री एवं पशु की चर्बी का इस्तेमाल किया.

केंद्र सरकार सच्चाई को करे उजागर
वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू झूठा आरोप लगाने की बात कही है. उन्होंने कहा है कि इससे टीटीडी की प्रतिष्ठा को नुकसान हो सकता है. साथ ही करोड़ों भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ है. मोहन रेड्डी ने पीएम मोदी से अपील की कि वे चंद्रबाबू नायडू को उनकी हरकतों के लिए फटकार लगाएं. उन्होंने केंद्र से कहा है कि वो सच्चाई को सामने लाएं ताकी भक्तों का विश्वास बना रहे.

तिरुपति लड्डू में मिलावट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा- नारा लोकेश
आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने इस मामले में कहा है कि राज्य सरकार तिरुपति लड्डू में पशु चर्बी की कथित मिलावट के मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी. लोकेश ने कहा कि एनडीडीबी प्रयोगशाला की रिपोर्ट ने आरोपों को तथ्यों में बदल दिया है. उन्होंने कहा कि नायडू इस विवाद की सीबीआई जांच का आदेश देने पर फैसला करेंगे.

Also Read: Tirupati Laddu Controversy: चंद्रबाबू के बाद डिप्टी सीएम का खुलासा, YSRCP शासनकाल में नष्ट हुए 219 मंदिर

Arvind Kejriwal : केजरीवाल ने किया ऐलान, इस दिन छोड़ देंगे सीएम आवास, देखें वीडियो

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >