COVID19 से मुकाबले के लिए 4 मई से लागू होगी नयी गाइडलाइन, मिल सकती है आंशिक राहत

कोरोनावायरस महामारी से मुकाबले के लिए देश में लागू लॉकडाउन के दौरान सरकार ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 से लड़ने के लिए 4 मई से नये दिशानिर्देश लागू किये जाएंगे.

नयी दिल्ली : कोरोनावायरस महामारी से मुकाबले के लिए देश में लागू लॉकडाउन के दौरान सरकार ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 से लड़ने के लिए 4 मई से नये दिशानिर्देश लागू किये जाएंगे. गृहमंत्रालय के प्रवक्ता की ओर से किये गये ट्वीट में इस बात का जिक्र किया गया है कि कोविड-19 से लड़ने के लिए 4 मई से नये दिशानिर्देश लागू होंगे, जो कई जिलों में काफी हद तक राहत प्रदान करेंगे. इसके साथ ही प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी आने वाले दिनों में दे दी जाएगी.

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बता दें कि बुधवार को ही सरकार की ओर से देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों को बुधवार को कुछ शर्तों के साथ उनके गंतव्यों तक जाने की अनुमति दे दी गयी, जिससे एक बड़े वर्ग को राहत मिल सकती है. केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने एक आदेश में कहा कि ऐसे फंसे हुए लोगों के समूहों को ले जाने के लिए बसों का इस्तेमाल किया जाएगा और इन वाहनों को सैनेटाइज किया जाएगा तथा सीटों पर बैठते समय सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना होगा.

सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भेजे आदेश में भल्ला ने कहा कि लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूर, तीर्थयात्री, सैलानी, छात्र और अन्य लोग विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं. उन्हें जाने की इजाजत दी जाएगी. मंत्रालय ने शर्तें गिनाते हुए कहा कि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस बाबत नोडल अधिकारी बनाने होंगे और ऐसे लोगों को रवाना करने तथा इनकी अगवानी करने के लिए मानक प्रोटोकॉल बनाने होंगे.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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