स्वामित्व योजना के तहत देश में अब तक 1.63 करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड जारी, बिहार और झारखंड का आंकड़ा आना बाकी

Swamitva Yojna: सरकार ने संपत्ति विवाद को कम करने के लिए स्वामित्व योजना शुरू की. इस योजना के तहत जमीन का सर्वे कर संपत्ति कार्ड देने का फैसला लिया गया है. केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार 6 दिसंबर 2023 तक राज्य सरकारें 1.63 करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड जारी कर चुकी है.

Swamitva Yojna: देश में सबसे अधिक विवाद संपत्ति को लेकर है. ऐसे में सरकार ने संपत्ति विवाद को कम करने के लिए स्वामित्व योजना शुरू की. इस योजना के तहत जमीन का सर्वे कर संपत्ति कार्ड देने का फैसला लिया गया है. योजना का क्रियान्वयन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है. केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार 6 दिसंबर 2023 तक राज्य सरकारें 1.63 करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड जारी कर चुकी है.

बिहार और झारखंड का आंकड़ा आना बाकी

अगर राज्यवार आंकड़ें पर गौर करें तो 6 दिसंबर 2023 तक बिहार और झारखंड सरकार की ओर से कोई आंकड़ा पेश नहीं किया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ में 17556, गुजरात में 2.62 लाख, हरियाणा में 25.15 लाख, मध्य प्रदेश में 23.14 लाख, उत्तर प्रदेश में 72.18 लाख प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जा चुके हैं. स्वामित्व योजना के तहत जमीनों का सर्वे करने के लिए देश के 2.88 लाख से अधिक गांवों में ड्रोन का संचालन किया गया है.

कई राज्यों के अधिकतर गांवों का काम पूरा

ड्रोन से जमीन सर्वे का काम आंध्र प्रदेश के 13176, छत्तीसगढ़ के 13079, झारखंड के 240, मध्य प्रदेश के 43014, उत्तर प्रदेश के 90909 गांवों में पूरा हो चुका है. मंत्रालय के अनुसार स्वामित्व योजना के तहत वर्ष 2020-21 में 79.65 करोड़ रुपये, वर्ष 2021-22 में 139.99 करोड़ रुपये, वर्ष 2022-23 में 105 करोड़ रुपये और मौजूदा वित्त वर्ष में 6 दिसंबर तक 29.88 करोड़ रुपये फंड का आवंटन किया गया है.

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Published by: Pritish sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
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