Swaraj Kaushal Passes Away: सुषमा स्वराज के पति और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल का निधन, पीएम मोदी ने शोक व्यक्त किया

Swaraj Kaushal Passes Away: पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज के पति, मिजोरम के पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल का गुरुवार को 73 साल की उम्र में निधन हो गया.

Swaraj Kaushal Passes Away: स्वराज कौशल का सीने में दर्द होने के बाद स्वराज कौशल की इकलौती बेटी, बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज और परिवार के सदस्यों ने उन्हें एम्स ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

पीएम मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वराज कौशल के निधन पर शोक व्यक्त किया. मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, श्री स्वराज कौशल जी के निधन से मैं दुखी हूं. उन्होंने खुद को एक वकील और एक ऐसे व्यक्ति के रूप में प्रतिष्ठित किया जो वंचितों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कानूनी पेशे का उपयोग करने में विश्वास करते थे. प्रधानमंत्री ने कहा कि कौशल भारत के सबसे युवा राज्यपाल बने और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मिजोरम के लोगों पर अमिट छाप छोड़ी. मोदी ने कहा, एक सांसद के रूप में उनकी अंतर्दृष्टि भी उल्लेखनीय थी. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनकी बेटी बांसुरी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ हैं. ओम शांति.

लोधी रोड श्मशान घाट पर किया गया अंतिम संस्कार

स्वराज कौशल का अंतिम संस्कार लोधी रोड श्मशान घाट पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और पार्टी तथा आरएसएस के कई नेताओं की उपस्थिति में किया गया. स्वराज कौशल की बेटी बांसुरी स्वराज ने सूर्यास्त से पहले चिता को मुखाग्नि दी और सनातन परंपराओं का पालन करते हुए अंतिम संस्कार पूरा किया.

पिता के निधन पर भावुक हुईं बांसुरी स्वराज

बांसुरी स्वराज ने एक्स पर एक भावुक पोस्ट में कहा कि उनके पिता का स्नेह, अनुशासन, सादगी, देशभक्ति और असीम धैर्य उनके जीवन का प्रकाश पुंज था. नयी दिल्ली से भाजपा सांसद बांसुरी ने कहा, दिल गहरी पीड़ा से भर गया है. फिर भी मन में यह विश्वास है कि अब परम शक्तिमान ईश्वर की उपस्थिति में आपका मां से पुनर्मिलन हो गया है और आपको असीम शांति प्राप्त हुई है. आपकी बेटी होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा गौरव है और आपकी विरासत, मूल्य एवं आशीर्वाद मेरे आगे के सफर का आधार होंगे.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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