सुप्रीम कोर्ट ने एक सप्ताह की अग्रिम जमानत देने के तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली असम सरकार की याचिका पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को नोटिस जारी किया है. खेड़ा द्वारा हाई कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर करने पर असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि यह प्रक्रिया का पूर्ण दुरुपयोग है.
यह मामला एक FIR से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर कई पासपोर्ट रखने का बयान दिया था.
न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने असम सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया और खेड़ा से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है. असम सरकार ने तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा दी गई ट्रांजिट बेल को चुनौती दी थी. हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अगर खेड़ा असम में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करते हैं, तो यह आदेश उनके रास्ते में बाधा नहीं बनेगा. कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी.
पवन खेड़ा ने क्या आरोप लगाया था सरमा की पत्नी पर
कांग्रेस नेता खेड़ा ने 5 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा के पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति है, जिसे राज्य में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में घोषित नहीं किया गया है. शर्मा दंपति ने इन आरोपों को खारिज किया था और इसे झूठा एवं मनगढंत बताया था.
यह भी पढ़ें : कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर पुलिस की दस्तक, असम सीएम की पत्नी पर लगाए थे गंभीर आरोप
इन आरोपों को लेकर कांग्रेस नेता के खिलाफ गुवाहाटी अपराध शाखा थाने में मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद असम पुलिस पूरी तरह से एक्शन में नजर आई. पुलिस मामले की जांच के लिए दिल्ली भी गई थी.
