सुप्रीम कोर्ट से 'आप' नेता सत्येंद्र जैन को झटका, सरेंडर करने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सत्येंद्र जैन की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. जानें पूरा मामला

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. जानकारी के अनुसार, शीर्ष कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन की नियमित जमानत याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया. कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर बाहर ‘आप’ नेता सत्येंद्र जैन से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तत्काल आत्मसमर्पण करने को कहा है. खबरों की मानें तो उन्हें आज ही सरेंडर करना होगा.

कब हुई थी सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी

आपको बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग केस में सत्येंद्र जैन को मई 2022 में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद उन्होंने जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी. पिछले साल मई में उन्होंने खराब सेहत का हवाला दिया था जिसके बाद उन्हें जमानत मिली थी. कई मौकों पर उनकी अंतरिम जमानत को बढ़ाने का काम किया गया था. सत्येंद्र जैन की ओर से नियमित जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी. कोर्ट ने साथ ही कहा कि आप तुरंत सरेंडर करें.

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खराब स्वास्थ्य का हवाला सत्येंद्र जैन की ओर से दिया गया

पूर्व मंत्री जैन की ओर पेश हुए वकील विविके जैन ने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया था और सरेंडर के लिए एक सप्ताह के वक्त की मांग की थी. लेकिन कोर्ट ने अपील को भी खारिज कर दिया.

क्या है सत्येंद्र जैन पर आरोप

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सत्येंद्र जैन को एक बार फिर तिहाड़ जेल जाना होगा. आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी के नेता के खिलाफ 2017 में सीबीआई ने केस दर्ज किया था. उनपर आरोप हैं कि दिल्ली सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने फरवरी 2015 से मई 2017 के बीच आय से अधिक संपत्ति अर्जित की.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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