Supreme court: मानहानि मामले में केजरीवाल को शीर्ष अदालत से लगा झटका

न्यायाधीश ऋषिकेश रॉय और न्यायाधीश एसवीएन भट्टी की खंडपीठ ने केजरीवाल की समन पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में सह आरोपी संजय सिंह की पूर्व में दाखिल याचिका खारिज की जा चुकी है. ऐसे में केजरीवाल की याचिका भी खारिज की जाती है.

Supreme court: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री मामले में गुजरात यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था. इस मामले में निचली अदालत के समन जारी करने के फैसले को केजरीवाल ने गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया. हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने समन पर रोक लगाने के इंकार कर दिया.

न्यायाधीश ऋषिकेश रॉयऔर न्यायाधीश एसवीएन भट्टी की खंडपीठ ने केजरीवाल की समन पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में सह आरोपी संजय सिंह की पूर्व में दाखिल याचिका खारिज की जा चुकी है. ऐसे में केजरीवाल की याचिका भी खारिज की जाती है. पीठ ने कहा कि इस मामले में ट्रायल कोर्ट फैसला करेगी और शीर्ष अदालत मामले के मेरिट पर गौर नहीं कर रहा है. गौरतलब है कि  गुजरात यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार पीयूष पटेल ने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर की गयी बयानबाजी के मानहानि का मामला दाखिल किया है. 

केजरीवाल की दलील नहीं चली

सुप्रीम कोर्ट में केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि याचिकाकर्ता ने सिर्फ यह सवाल उठाया था कि गुजरात यूनिवर्सिटी प्रधानमंत्री की डिग्री को सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है. क्या फर्जी डिग्री होने के कारण इसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है. अगर यह बयान मानहानि का बनता है तो इसके खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को याचिका दाखिल करनी चाहिए ना कि गुजरात यूनिवर्सिटी को. यह बयान किसी भी सूरत में यूनिवर्सिटी के मानहानि से नहीं जुड़ा है. गुजरात यूनिवर्सिटी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पूर्व में शीर्ष अदालत ऐसे ही मामले में संजय सिंह की याचिका को खारिज कर चुका है.

इस पर सिंघवी ने कहा कि संजय सिंह और केजरीवाल के बयान अलग-अलग है. मेहता ने कहा कि गुजरात हाईकोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग को मोदी की डिग्री जारी करने के आदेश को खारिज कर चुका है. यही नहीं हाईकोर्ट ने केजरीवाल के खिलाफ गंभीर टिप्पणी करते हुए जुर्माना लगा चुका है. सुनवाई के दौरान सिंघवी ने कहा कि केजरीवाल अपने बयान के लिए खेद जताने के लिए तैयार हैं. इसका विरोध करते हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि याचिकाकर्ता लोगों पर बेतुके आरोप लगाते रहे हैं और बाद में माफी की मांग करते रहे हैं. अरुण जेटली के 

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Author: Vinay Tiwari

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