प्रवासी मजदूरों की समस्या और उन पर आई विपत्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है. जस्टिस अशोक भूषण की अगुवाई वाली बेंच में सुनवाई हो रही है. सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील देते हुए कहा कि कुछ-कुछ जगहों पर मजदूरों को परेशानी उठानी पड़ी है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसके बाद भी जरूरतमंद मजदूरों तक सुविधा पूरी तरह नहीं पहुंच पा रही है.
प्रवासी मजदूरों की समस्या और उन पर आई विपत्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है. जस्टिस अशोक भूषण की अगुवाई वाली बेंच में सुनवाई हो रही है. जारी है. सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील देते हुए कहा कि कुछ-कुछ जगहों पर मजदूरों को परेशानी उठानी पड़ी है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसके बाद भी जरूरतमंद मजदूरों तक सुविधा पूरी तरह नहीं पहुंच पा रही है.
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर पूछा था कि सरकार बताएं कि प्रवासी मजदूरों के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि अभी तक के प्रयास काफी नहीं हैं. सरकारों को और प्रभावकारी कदम उठाने की जरूरत है.
बता दें सुप्रीम कोर्ट ने महानगरों से पैदल, साइकिल और रिक्शा से अपने-अपने घर जा रहे श्रमिको की दयनीय स्थिति को लेकर स्वत: संज्ञान लिया है. कोर्ट ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. सुप्रीम कोर्ट उस केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 28 मई तक इसपर जवाब तलब किया था. इसी पर आज सुनवाई हो रही है.
