आज से संसद का विशेष सत्र, परिसीमन विधेयक पर हो सकता है हंगामा

Parliament Session : महिला आरक्षण लागू करने वाला विधेयक गुरुवार को लोकसभा में पेश होने के लिए सूचीबद्ध किया गया है. लोकसभा से पास होने के बाद बिल को राज्यसभा में भेजा जाएगा. परिसीमन विधेयक को लेकर सदन में हंगामा हो सकता है.

Parliament Session : केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए तीन बिल तैयार किए हैं. इन्हें गुरुवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा, जिससे बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है. संसद के बुलेटिन के मुताबिक, ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘केंद्र-शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026’ को बहस के लिए लोकसभा में पेश किया जाएगा.

बुलेटिन के मुताबिक, पहले दो बिल कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पेश करेंगे, जबकि तीसरा बिल गृह मंत्री अमित शाह सदन में रखेंगे. इन पर चर्चा के लिए लोकसभा में 18 घंटे का समय तय किया गया है और बहस शुक्रवार तक चल सकती है. लोकसभा से पास होने के बाद ये बिल राज्यसभा में भेजे जाएंगे, जहां आगे की प्रक्रिया होगी.

परिसीमन विधेयक को लेकर हो सकता है हंगामा

कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने संसद के विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में प्रस्तावित परिसीमन विधेयक पेश करने का विरोध करने के लिए नोटिस दिया है. इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि उन्होंने परिसीमन विधेयक की प्रति जलाकर इस विधेयक के प्रति कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि ‘परिसीमन का काला कानून’ तमिल लोगों को उनकी ही धरती पर शरणार्थी बना देगा.

विपक्षी दलों की होगी बैठक

विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर संसद में राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दफ्तर में बैठक करेंगे, जहां विशेष सत्र के दौरान सदन में अपनी रणनीति तय करेंगे.

नया संशोधन प्रस्ताव लेकर आयी है मोदी सरकार

सरकार ने 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनाकर संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का फैसला किया था. पहले इसे जनगणना और परिसीमन के बाद लागू करना था, लेकिन अब सरकार इसे पहले ही लागू करने के लिए नया संशोधन प्रस्ताव लेकर आई है.

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16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र

मोदी सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें महिला आरक्षण कानून में बदलाव पर चर्चा होगी और उसे मंजूरी दी जा सकती है. इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं. विपक्ष का कहना है कि बिना जनगणना और परिसीमन के सरकार जल्दबाजी में फैसला ले रही है. पहले प्लान था कि ये प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आरक्षण लागू होगा.

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By Amitabh Kumar

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