नयी दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखने वालों में शामिल गुलाम नबी आजाद ने एक बार फिर पूरे प्रकरण पर बेबाक टिप्पणी की है. इसके अलावा उन्होंने एक बार फिर दोहराया है कि कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए CWC चुनाव की जरूरत है.
उन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखे जाने के मुद्दे पर कहा, यदि पत्र लीक हो गया तो क्या बड़ी बात है? पार्टी को मजबूत बनाने और चुनाव कराने के लिए कहना क्या गलत है. इंदिरा गांधी जी के समय में भी मंत्रिमंडल की कार्यवाही लीक हो जाती थी.
उन्होंने पत्र लिखने पर उनकी आलोचना करने वालों को भी करारा जवाब दिया और कहा, जो लोग CWC के दौरान कमेंट्री कर रहे थे, क्या वे अनुशासनहीनता नहीं कर रहे थे? जो लोग हमें (पत्र लिखने के लिए) गाली दे रहे थे, क्या वे अनुशासनहीन नहीं थे? क्या उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए? हमने किसी को गाली नहीं दी.
आजाद ने कहा कि जिस किसी की भी कांग्रेस के आंतरिक कामकाज में वास्तविक रुचि है, वह हमारे प्रस्ताव का स्वागत करेगा. उन्होंने कहा, पूरी कांग्रेस कार्य समिति का चुनाव होना चाहिए. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमारा इरादा कांग्रेस को सक्रिय और मजबूत बनाने का है.
दूसरी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा, कांग्रेस को अपने लोगों पर नहीं, बल्कि भाजपा को ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से निशाना बनाने की जरूरत है. उनके इस ट्वीट से परोक्ष रूप से सहमति जताते हुए कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने ट्वीट किया, ‘भविष्य ज्ञानी.
गौरतलब है कि कांग्रेस के जिन 23 नेताओं ने सियासी बवंडर खड़ा करने वाले पत्र पर हस्ताक्षर किये हैं उनमें गुलाम नबी आजाद, राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पृथ्वीराज चव्हाण, राजिंदर कौर भट्टल , पूर्व मंत्री मुकुल वासनिक, कपिल सिब्बल, एम वीरप्पा मोइली, शशि थरूर, सांसद मनीष तिवारी, पूर्व सांसद मिलिंद देवड़ा, जितिन प्रसाद, संदीप दीक्षित और कई अन्य नेताओं के नाम शामिल हैं.
Posted By – Arbind Kumar Mishra
