सीजेपी प्रदर्शन के समर्थन में पिछले 25 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने अस्पताल से ही अपने एक्स अकाउंट से 2 मिनट 53 सेकेंड का वीडियो जारी किया. जिसमें उन्होंने लिखा- "मैं अभी भी जिंदा ही हूं. यह 25वां दिन है मेरे अनशन का. 25वें दिन तक लगभग मेरा 11 किलो वजन कम हुआ है और काफी मांसपेशियां कम होने लगी हैं, मगर ठीक ही हूं.
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए छात्रों की तारीफ
छात्रों और प्रदर्शनकारियों के धैर्य की सराहना करते हुए वांगचुक ने कहा कि उकसावे और पत्थरबाजी जैसी स्थिति बनाए जाने के बावजूद छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से लाठियां सहीं और कोई हिंसक जवाबी हमला नहीं किया. इस अहिंसक आंदोलन को देखकर उनका दिल पिघल गया और इसी बर्बरता के विरोध में उन्होंने अनशन जारी रखने का निर्णय लिया था.
65 सांसदों और नेताओं ने की अनशन तोड़ने की अपील
वांगचुक ने बताया कि उनसे मुलाकात करने और अनशन समाप्त करने की अपील लेकर लगभग 65 सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र और कई नेता पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि वे खुद भी अनशन समाप्त कर देश सेवा और अपने काम पर लौटना चाहते हैं, क्योंकि उनका काम उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है.
सरकार के सामने रखीं दो प्रमुख शर्तें
- अनशन समाप्त करने के लिए सोनम वांगचुक ने सरकार के समक्ष स्पष्ट शर्तें रखी हैं:
- बल प्रयोग पर रोक: सरकार प्रदर्शन कर रहे बच्चों और युवाओं पर ताकत या पुलिस बल का प्रयोग न करे.
- FIR व उत्पीड़न से संरक्षण: छात्रों पर झूठे आरोप लगाकर या FIR दर्ज कर उन्हें जेल और पुलिस के ज़रिए सताया न जाए.
"मुझे सरकार से इस बात का लिखित या ठोस आश्वासन चाहिए कि बच्चों को सताया नहीं जाएगा. अगर यह आश्वासन आज ही मिल जाता है, तो मैं नेताओं के सम्मान में आज ही अनशन तोड़ दूंगा. लेकिन अगर ऐसा आश्वासन नहीं मिलता है, तो बदकिस्मती से मुझे अनशन जारी रखना पड़ेगा."
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