सांप के काटने के बाद भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, जान बचाने के लिए तुरंत करें ये काम

सांप का काटना एक गंभीर स्थिति है, और घबराहट में किए गए गलत उपाय जानलेवा साबित हो सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, सांप काटने पर तुरंत अस्पताल पहुंचना सबसे महत्वपूर्ण है. जानें किन घरेलू नुस्खों से बचें और क्या करें.

Snake Bite First Aid: सांप का काटना मामूली घटना नहीं है. जहरीले सांप के जहर का असर शरीर में तेजी से फैल सकता है और कई मामलों में यह जानलेवा स्थिति बन जाती है. ऐसे समय में घबराकर किए गए घरेलू उपाय मरीज की हालत और बिगाड़ सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक सांप के काटने पर सबसे जरूरी है कि मरीज को शांत रखा जाए, उसकी गतिविधियां कम से कम की जाएं और बिना देरी किए स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाया जाए.

1-जहर चूसने की गलती न करें

सांप के काटने वाली जगह पर मुंह लगाकर जहर चूसने की कोशिश बिल्कुल न करें. WHO के अनुसार इससे जहर निकालने का प्रमाणित लाभ नहीं है और यह नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसी कोशिश में संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है.

2-घाव पर चाकू या ब्लेड न चलाएं

कई लोग जहर निकालने के लिए काटे गए स्थान पर चीरा लगा देते हैं. यह बेहद खतरनाक हो सकता है. इससे अनावश्यक खून बह सकता है, संक्रमण हो सकता है और ऊतक को नुकसान पहुंच सकता है. WHO की गाइडलाइन में घाव काटने या चीरने से साफ तौर पर बचने की सलाह दी गई है.

3-रस्सी या तार से कसकर न बांधें

सांप के काटने के बाद अंग पर बहुत कसकर रस्सी, तार या कपड़ा बांधना नुकसानदायक हो सकता है. इससे रक्त प्रवाह रुक सकता है और अंग को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. WHO खास तौर पर टाइट टॉर्निकेट से बचने की सलाह देता है. कुछ खास परिस्थितियों में प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा pressure-immobilization तकनीक इस्तेमाल की जा सकती है, लेकिन इसे सामान्य घरेलू तरीके से कसकर बांधने से अलग समझना जरूरी है.

4-बर्फ, मिट्टी और जड़ी-बूटी न लगाएं

घाव पर बर्फ, मिट्टी, जड़ी-बूटी, केमिकल या कोई पारंपरिक नुस्खा आजमाने से बचें. ऐसे उपाय प्रभावी साबित नहीं हुए हैं और इलाज में देरी कर सकते हैं. WHO ने पारंपरिक और अप्रमाणित प्राथमिक उपचार से बचने की सलाह दी है.

5-मरीज को पैदल चलाकर अस्पताल न ले जाएं

सांप के काटने के बाद मरीज को चलाने-फिराने से बचना चाहिए. WHO की सलाह है कि व्यक्ति के पूरे शरीर और खासकर काटे गए अंग को स्थिर रखा जाए और उसे जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाए. जरूरत हो तो स्ट्रेचर या किसी सुरक्षित साधन से ले जाएं.

सांप काट ले तो तुरंत क्या करें?

सबसे पहले मरीज को शांत करें और उसे कम से कम हिलाएं. काटे गए अंग को स्थिर रखें. अंगूठी, कड़ा, घड़ी, पायल या जूते जैसी कसने वाली चीजें तुरंत हटा दें, क्योंकि सूजन बढ़ सकती है. मरीज को बिना समय गंवाए अस्पताल या ऐसे स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं जहां सांप के जहर का इलाज उपलब्ध हो.

सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें. अगर बिल्कुल सुरक्षित हो तो दूर से उसकी तस्वीर ली जा सकती है, लेकिन तस्वीर लेने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें. WHO के अनुसार सांप को अस्पताल ले जाने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए.

लक्षण दिखने का इंतजार न करें

सांप के काटने के बाद यह सोचकर घर पर न बैठें कि अभी कोई लक्षण नहीं है. कुछ मामलों में जहर का असर तुरंत स्पष्ट नहीं होता. WHO के अनुसार suspected venomous snakebite में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है. जहरीले सांप के जहर के प्रभाव को रोकने या उलटने के लिए उपयुक्त एंटी-स्नेक वेनम (ASV/antivenom) प्रमुख प्रभावी उपचार है, जिसे अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में दिया जाता है. याद रखें: सांप के काटने पर घरेलू नुस्खे नहीं, समय पर अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ा जीवनरक्षक कदम है.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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