Skill Development: डीजीटी और ऑटोडेस्क ने डिजाइन और कौशल निर्माण में वृद्धि के लिए मिलाया हाथ

डीजीटी और ऑटोडेस्क के इस पहल में शैक्षिक कार्यक्रमों, पाठ्यक्रम, शिक्षण गतिविधियों का संयुक्त विकास और ऑटोडेस्क की प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना शामिल होगा.

Skill Development : कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) के अंतर्गत प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) और ऑटोडेस्क ने डिजिटल डिजाइन को बढ़ावा देने और देश भर के राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में शिक्षकों और प्रशिक्षकों के बीच कौशल निर्माण हेतु एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया है. 

इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षकों और शिक्षकों की डिजिटल क्षमताओं को सुदृढ़ करना, छात्रों में रोजगारपरक कौशल में विकास और वास्तुकला, इंजीनियरिंग, विनिर्माण और निर्माण जैसे उद्योगों की जरूरतों के लिए भारत में कार्यबल को तैयार करना है.डीजीटी के साथ इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से, ऑटोडेस्क 14,500 से अधिक आईटीआई और 33 एनएसटीआई के शिक्षकों और छात्रों तक अपने पेशेवर-स्तरीय सॉफ्टवेयर का विस्तार करेगा, जिससे प्रशिक्षक बड़ी संख्या में युवा शिक्षार्थियों को कौशल प्रदान कर सकेंगे. साथ ही भारत के व्यावसायिक इकोसिस्टम में डिजिटल डिजाइन और विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत कर सकेंगे. 

उभरते करियर के साथ कौशल विकास को जोड़ने की पहल

ऑटोडेस्क की स्टेट ऑफ़ डिज़ाइन एंड मेक रिपोर्ट 2025 के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल 52 प्रतिशत भारतीय संगठनों के अनुसार भविष्य में एआई-संबंधित कौशल उनकी नियुक्ति की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. अगले तीन वर्षों में, यह साझेदारी ऑटोडेस्क की वैश्विक डिजाइन एंड मेक विशेषज्ञता को व्यावसायिक शिक्षा में डीजीटी के राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ जोड़कर, एआई में तेज़ी से हो रही प्रगति, उद्योग नवाचार और उभरते करियर के साथ कौशल विकास को जोड़ेगी. 

समझौता ज्ञापन समाराेह में एमएसडीई की सचिव देबाश्री मुखर्जी, डीजीटी के उप महानिदेशक सुनील कुमार गुप्ता और एमएसडीई के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, ऑटोडेस्क के अध्यक्ष और सीईओ एंड्रयू एनाग्नोस्ट, ऑटोडेस्क के कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य परिचालन अधिकारी स्टीव ब्लम, ऑटोडेस्क के एशिया-प्रशांत और जापान के उपाध्यक्ष हरेश खूबचंदानी और ऑटोडेस्क की भारत और सार्क उपाध्यक्ष कमोलिका गुप्ता पेरेज की उपस्थित में समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया. इस पहल में शैक्षिक कार्यक्रमों, पाठ्यक्रम, शिक्षण गतिविधियों का संयुक्त विकास और ऑटोडेस्क की प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना शामिल होगा. 

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By Vinay Tiwari

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