कर्नाटक में पिछड़ा वर्ग समुदायों के एक संगठन ने कांग्रेस और पार्टी नेतृत्व को साफ चेतावनी दी है कि अगर सिद्धरमैया को मुख्यमंत्री पद से हटाया गया, तो पार्टी को इसका भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. ‘कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग समुदाय महासंघ’ के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को सत्ता पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और दलित समाज के समर्थन से मिली है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी में सिद्धरमैया जैसा जनाधार वाला दूसरा नेता नहीं है. संगठन ने चेतावनी दी कि अगर उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, तो राज्यभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा.
कांग्रेस से जुड़े 70 प्रतिशत समुदाय की संख्या शून्य हो जाएगी : रामचंद्रप्पा
संगठन के अध्यक्ष रामचंद्रप्पा ने कहा कि हमारी अब तक मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हुई है, लेकिन हमें खबरें मिली हैं कि कांग्रेस आलाकमान ने उनसे इस्तीफा मांगा है. चूंकि सिद्धरमैया मंत्रियों और नेताओं के साथ बैठक में हैं, इसलिए हम उनसे मिल नहीं सके हैं. उन्होंने कहा कि अगर सिद्धरमैया के इस्तीफे की मांग की खबरें सच हैं तो कांग्रेस से जुड़े 70 प्रतिशत समुदाय की संख्या शून्य हो जाएगी. हम आने वाले दिनों में इस चीज को दिखाएंगे.
हमारी मांग है कि कोई बदलाव न किया जाए
संगठन के अध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिना किसी कारण के अगर सिद्धरमैया जैसे दिग्गज नेता को पद से हटाया जाता है, तो हम चुप नहीं रह सकते. हम आंदोलन की योजना बना रहे हैं और शायद 28 मई (गुरुवार) से ही शुरू कर देंगे. रामचंद्रप्पा ने जोर देकर कहा कि उनकी चेतावनी सीधे कांग्रेस और पार्टी आलाकमान को है. उन्होंने कहा कि हमने ही वोट देकर इस सरकार को चुना है. यह सरकार पिछड़े वर्ग और दलित एवं अल्पसंख्यक समुदाय के वोटों के कारण चल रही है. हमारी मांग है कि कोई बदलाव न किया जाए.
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क्या 28 मई को सिद्धरमैया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे?
रामचंद्रप्पा ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी में सिद्धरमैया के कद का कोई दूसरा नेता नहीं है. ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि सिद्धरमैया कुछ दिनों में (संभवतः 28 मई को) मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार उनकी जगह लेंगे. ऐसी खबरें वायरल हुई थीं कि कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धरमैया को राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए रास्ता बनाने को कहा है और उन्हें राज्यसभा सीट सहित पार्टी में एक केंद्रीय भूमिका की पेशकश की है. खबरों के मुताबिक, सिद्धरमैया ने तुरंत यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया.
