UPSC Topper Shruti Sharma: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 में प्रथम स्थान हासिल करने वाली श्रुति शर्मा ने सोमवार (30 मई) को कहा कि मुझे परिणाम से बहुत खुशी है. श्रुति शर्मा ने बताया कि मेरे पापा स्कूल में पढ़ाते हैं, इसलिए शिक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहती हूं. उन्होंने कहा कि मेरी नानी भी मेरी मां को यूपीएससी करवाना चाहती थीं. लेकिन, उस समय वैसी स्थिति नहीं थी, इस कारण उक्त वक्त ये चीजें नहीं हो सकी थी.
श्रृति ने बताया परिक्षा में टॉप करने का राज
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपीएससी परीक्षा 2021 में प्रथम स्थान लाने पर श्रुति शर्मा ने कहा कि मेरी रणनीति अखबारों से अपने नोट्स बनाने और बेहतर प्रस्तुति के लिए उत्तर लेखन अभ्यास पर ध्यान केंद्रित करने की थी. श्रृति शर्मा ने बताया कि मैंने सोशल मीडिया का संतुलित तरीके से इस्तेमाल किया है. मेरी पहली प्राथमिकता यूपी कैडर है.
श्रृति शर्मा ने इन्हें दिया अपनी सफलता का श्रेय
श्रुति शर्मा ने कहा कि अत्यंत सहायक माता-पिता और दोस्तों ने उनकी इस सफलता को हासिल करने में मदद की. दिल्ली में रहने वाली सेंट स्टीफंस कॉलेज की पूर्व छात्रा शर्मा ने कहा कि उन्हें ऐसे परिणाम की उम्मीद नहीं थी और यह एक सुखद आश्चर्य है. उन्होंने कहा कि इसका श्रेय उन सभी को जाता है, जो मेरी यात्रा में शामिल थे, खासकर मेरे माता-पिता और वे दोस्त जिन्होंने मेरी सहायता की और मार्गदर्शन किया.
4 सालों से कर रही थी तैयारी: Shruti Sharma
श्रृति शर्मा ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से स्नातकोत्तर की पढ़ाई की और पिछले 4 वर्षों से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थीं. वह जामिया मिलिया इस्लामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (RCA) की छात्रा थीं. आरसीए को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक जैसे वर्गों से संबंधित छात्रों को मुफ्त कोचिंग और आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की तरफ से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है. जामिया के एक अधिकारी ने बताया कि कोचिंग अकादमी के 23 छात्रों ने परीक्षा पास की है. बता दें कि यूपीएससी द्वारा सोमवार को घोषित परिणाम के अनुसार कुल 685 परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की है.
