Rajya Sabha : शिबू सोरेन का निधन, शोक में राज्यसभा पूरे दिन के लिए स्थगित

Rajya Sabha : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन का सोमवार को निधन हो गया. वह 81 वर्ष के थे. शोक में राज्यसभा की बैठक सोमवार को शुरू होने के कुछ ही देर बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई.

Rajya Sabha : झामुमो के संस्थापक शिबू सोरेन का निधन सोमवार को हो गया. इसकी जानकारी उनके बेटे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दी. शिबू सोरेन के निधन पर राज्यसभा में मौन रखा गया. इसके बाद कार्यवाही को मंगलवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई. राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि हमने एक बहुत ही अनुभवी सांसद और नेता को खो दिया है.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन गुर्दे संबंधी समस्याओं के कारण एक महीने से ज्यादा समय से दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में इलाज करा रहे थे. हेमंत सोरेन ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सबको छोड़कर चले गए… मैं आज ‘शून्य’ हो गया हूं.’’

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शिबू सोरेन लंबे समय से इलाज करा रहे थे

शिबू सोरेन लंबे समय से नियमित रूप से अस्पताल में इलाज करा रहे थे. सर गंगा राम अस्पताल के ‘नेफ्रोलॉजी’ विभाग के अध्यक्ष डॉ. ए. के. भल्ला के अनुसार, शिबू सोरेन को सुबह आठ बजकर 56 मिनट पर मृत घोषित कर दिया गया. उनका लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. डॉक्टर ने कहा, ‘‘वह गुर्दे की बीमारियों से पीड़ित थे और उन्हें डेढ़ महीने पहले दौरा भी पड़ा था. वह पिछले एक महीने से लाइफ सपोर्ट सिस्टम थे.’’

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शिबू सोरेन पिछले 38 वर्षों से झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता रहे

हेमंत सोरेन ने 24 जून को बताया था कि उनके पिता शिबू सोरेन को हाल ही में दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है. उन्होंने कहा था कि शिबू सोरेन ने कई जंग लड़ी हैं और वह यह स्वास्थ्य की लड़ाई भी जरूर जीतेंगे. शिबू सोरेन पिछले 38 वर्षों से झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता रहे और पार्टी के संस्थापक संरक्षक के रूप में हमेशा मार्गदर्शक बने रहे.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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