केंद्र सरकार महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त कार्यस्थळ सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी दिशा में सरकार ने “एसएचई-बॉक्स 2.0” (सेक्सुअल हैरेसमेंट इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स) पोर्टल के माध्यम से कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निवारण तंत्र को और मजबूत बनाया है.
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, यह पहल सरकार की प्रमुख योजना “मिशन शक्ति” के अंतर्गत संचालित की जा रही है. मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत व्यवस्थाओं को मजबूत करना है. इसी के तहत कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एसएचई-बॉक्स पोर्टल विकसित किया गया है.
गौरतलब है कि बढ़ते कार्यस्थलों और बदलती जरूरतों को देखते हुए सरकार ने 29 अगस्त 2024 को ‘एसएचई-बॉक्स 2.0’ लॉन्च किया था. यह एक तकनीक आधारित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहां सरकारी, निजी, संगठित और असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाएं यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायत दर्ज करा सकती हैं. साथ ही वे अपनी शिकायत की प्रगति की जानकारी भी ऑनलाइन प्राप्त कर सकती हैं. पोर्टल में राज्य और जिला स्तर के नोडल अधिकारियों, विभिन्न संस्थानों की आंतरिक शिकायत समितियों (आईसी) तथा स्थानीय समितियों (एलसी) को जोड़ा गया है. इससे शिकायतों की निगरानी और उनके समयबद्ध निपटारे में मदद मिल रही है.
यह व्यवस्था शिकायत निवारण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाती है. एसएचई-बॉक्स 2.0 सुरक्षित, गोपनीय और उपयोगकर्ता-अनुकूल है. महिलाएं बिना किसी डर या दबाव के अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं. यह पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी सहित 22 भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे देश के विभिन्न हिस्सों की महिलाओं को इसका लाभ मिल रहा है. सरकार का मानना है कि यह पहल महिलाओं के लिए सुरक्षित और सशक्त कार्यस्थल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.
