Shashi Tharoor vs Tagore: 'उड़ने के बाद बाज-गिद्ध शिकार की तलाश में रहते हैं,' शशि थरूर पर टैगोर का तंज

Shashi Tharoor vs Tagore: सांसद शशि थरूर को लेकर कांग्रेस में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बाद अब पार्टी सांसद मणिकम टैगोर (Manickam Tagore) ने भी थरूर पर जोरदार हमला बोला है.

Shashi Tharoor vs Tagore: कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने अपनी पार्टी के नेता शशि थरूर की एक टिप्पणी को लेकर उन पर परोक्ष रूप से कटाक्ष किया है. टैगोर ने कहा- पक्षियों को उड़ने के लिए इजाजत की जरूरत नहीं पड़ती और उड़ने के बाद भी बाज एवं गिद्ध शिकार की तलाश में रहते हैं. दरअसल थरूर ने पार्टी अध्यक्ष खरगे के तंज पर पलटवार करते हुए एक पोस्ट डाला था, जिसमें उन्होंने एक पक्षी की तस्वीर पोस्ट करते हुए कहा था, ‘‘उड़ने की इजाजत मत मांगो. पंख तुम्हारे हैं, आसमान किसी का नहीं है.’’

खरगे ने थरूर पर क्या दिया था बयान?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी सांसद थरूर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ किए जाने को लेकर बुधवार को उन पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि कुछ लोगों के लिए ‘मोदी फर्स्ट’ हैं, लेकिन मुख्य विपक्षी दल के लिए देश सबसे पहले है.

कई पक्षियों की तस्वीरें पोस्ट कर टैगोर ने थरूर पर किया पलटवार

शशि थरूर का नाम लिए बगैर टैगोर ने उन पर कटाक्ष किया और कई पक्षियों की तस्वीरें ‘एक्स’ पर साझा कीं. उन्होंने कहा, ‘‘उड़ने की इजाजत न मांगें। पक्षियों को उड़ने के लिए इजाजत की जरूरत नहीं है…लेकिन आज एक आज़ाद पक्षी को भी आसमान की निगरानी करनी पड़ती है क्योंकि बाज, गिद्ध और ‘चील’ हमेशा शिकार करते रहते हैं. आजादी मुफ्त नहीं है, खासकर तब जब शिकारी देशभक्ति को पंख की तरह धारण करते हैं.’’

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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