आतंकवाद को चुपचाप नहीं सहेगा भारत, शशि थरूर ने दुनिया को दिया साफ संदेश

Shashi Tharoor: दुनिया के सामने पाकिस्तान का पर्दाफाश करने और भारत का संदेश देने के लिए शशि थरूर अमेरिका पहुंचे. उन्होंने दुनिया के सामने भारत का संदेश रखते हुए यह साफ कर दिया है कि भारत आतंकवाद को चुपचाप नहीं सहने वाला है. देश के खिलाफ उठाई गई हर एक आतंकवादी गतिविधि का भारत करारा जवाब देगा.

Shashi Tharoor

Shashi Tharoor: वैश्विक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ भारत का संदेश देने और पाकिस्तान को बेनकाब करने के उद्देश्य से कांग्रेस सांसद शशि थरूर और उनकी टीम अमेरिका पहुंची. जहां उन्होंने न्यूयॉर्क के वाणिज्य दूतावास में पहलगाम में हुए हमले को लेकर बातचीत की. उन्होंने दुनिया को साफ संदेश दिया है कि भारत आतंकवाद को चुपचाप नहीं सहने वाला है. आतंकवादियों द्वारा उठाए गए हर कदम का भारत मुंहतोड़ जवाब देगा.

भारत को पाकिस्तान के साथ युद्ध करने में रुचि नहीं है

शशि थरूर ने पाकिस्तान के साथ संघर्ष को लेकर स्पष्ट रूप से कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ युद्ध करने में किसी भी तरह की कोई रुचि नहीं है. भारत की प्राथमिकता हमेशा से देश की आर्थिक तरक्की और जनता को 21वीं सदी की नई दुनिया के लिए तैयार करना है.

पाकिस्तान उस जमीन पर नजर गड़ाए हुए है जो भारत की है

थरूर ने कहा, “हम पाकिस्तान के साथ युद्ध नहीं चाहते. हम तो चाहते हैं कि हमें शांति से अपने देश का विकास करने दिया जाए. लेकिन अफसोस की बात है कि पाकिस्तान की सोच अलग है.” हम जहां हैं वहीं बने रहना चाहते हैं, लेकिन पाकिस्तान ऐसा नहीं चाहता. वे उस जमीन पर नजर रखे हुए हैं जो भारत के पास है, और किसी भी कीमत पर उसे पाना चाहते हैं. अगर वे उसे सीधे तरीके से नहीं ले सकते, तो आतंकवाद के जरिए हासिल करने की कोशिश करते हैं, जो बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है.

दुनिया को 2015 में एयरबेस पर हुए आतंकवादी हमले की याद दिलाई शशि थरूर ने

शशि थरूर ने कॉन्सुलेट में बातचीत के दौरान कहा, ‘जनवरी 2015 में भारत के एक एयरबेस पर हमला हुआ था, और उससे ठीक एक महीने पहले हमारे प्रधानमंत्री पाकिस्तान की यात्रा पर गए थे. जब यह हमला हुआ, तो प्रधानमंत्री इतने हैरान थे कि उन्होंने खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को फोन कर कहा, ‘चलिए मिलकर जांच करते हैं, पता लगाते हैं कि ये सब कर कौन रहा है.’

आगे उन्होंने कहा कि ‘जरा सोचिए, भारतीय सेना के लिए ये कितनी चौंकाने वाली बात रही होगी कि पाकिस्तानी जांचकर्ता भारत के एयरबेस में आकर जांच करें. फिर भी वे आए और जांच के बाद पाकिस्तान लौटकर कह दिया कि ये हमला भारत ने खुद पर ही किया.

2015 पाकिस्तान के लिए आखिरी मौका था

शशि कहते हैं कि मेरे अनुसार, 2015 पाकिस्तान के लिए आखिरी मौका था कि वे ठीक से व्यवहार करें, सहयोग करें और सच में यह साबित करें कि वे आतंकवाद खत्म करना चाहते हैं जैसा कि वे हर बार दावा करते हैं.

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By Neha Kumari

प्रभात खबर डिजिटल के जरिए मैंने पत्रकारिता की दुनिया में अपना पहला कदम रखा है. यहां मैं धर्म और राशिफल बीट पर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हूं. इसके अलावा मुझे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े विषयों पर लिखने में रुचि है.

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