Sharon Raj Murder : प्रेमी को जहर देने वाली प्रेमिका को कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

Sharon Raj Murder : केरल की एक अदालत ने प्रेमी को जहर देने वाली प्रेमिका को मौत की सजा सुनाई है. जानें क्या है पूरा मामला.

Sharon Raj Murder : केरल की एक अदालत ने 24 वर्षीय महिला को अपने प्रेमी की हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनाई है. शेरोन राज हत्या मामले में आरोपी ग्रीष्मा को केरल के तिरुवनंतपुरम में अतिरिक्त जिला सत्र न्यायालय ने मौत की सजा सुनाई. 26 साल की ग्रीष्मा को शुक्रवार को अदालत ने दोषी ठहराया था. उसके मामा निर्मल कुमार को भी सबूत नष्ट करने और साजिश रचने का दोषी पाया गया. निर्मल को भी तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई. 2022 में युवक की हत्या कर दी गई थी. 23 साल का मृतक शैरोन राज मूल रूप से तिरुवनंतपुरम जिले के परसाला का रहने वाला था.

मामा निर्मलकुमारन नायर को भी सबूत नष्ट करने का दोषी पाया गया

नेय्याट्टिनकारा के अतिरिक्त जिला सत्र न्यायालय ने ग्रीष्मा के मामा निर्मलकुमारन नायर को भी सबूत नष्ट करने का दोषी पाया. ग्रीष्मा की मां सिंधु मामले में सह आरोपी थी लेकिन उन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया. ग्रीष्मा को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया गया था. इसमें हत्या (भारतीय दंड संहिता की धारा 302) भी शामिल था, जबकि उसके रिश्तेदार को आईपीसी की धारा 201 के तहत दोषी करार दिया गया था.

शैरोन राज की कैसे की गई हत्या?

शैरोन राज को मुख्य आरोपी ग्रीष्मा ने 14 अक्टूबर 2022 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के रामवरमनचिराई स्थित अपने घर पर किसी बहाने बुलाया. कीटनाशक को आयुर्वेदिक टॉनिक में मिलाकर उसे पिला दिया. राज की 11 दिन बाद 25 अक्टूबर 2022 को अस्पताल में मौत हो गई. उसके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. इससे पहले भी उसने फलों के रस में पैरासिटामोल की गोलियां मिलाकर राज को पिलाने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रही क्योंकि उसने कड़वे स्वाद के कारण इसे पीने से इनकार कर दिया था.

ग्रीष्मा उस वक्त 22 साल की थी, उसने हत्या की साजिश उस वक्त रची थी, जब नागरकोइल के एक सैन्यकर्मी से उसकी शादी तय हो गई. इसके बाद राज ने अपने रिश्ते को खत्म करने से इनकार कर दिया.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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