महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर बोले शरद पवार, हमारे धैर्य की न लें परीक्षा

कर्नाटक के साथ सीमा विवाद पर समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों चन्द्रकांत पाटिल और शंभुराज देसाई का कार्यक्रम मंगलवार को कर्नाटक के बेलगावी जिले का दौरा कर वहां महाराष्ट्र एकीकरण समिति के कार्यकर्ताओं से मिलने और दशकों पुराने सीमा मुद्दे पर चर्चा करने का था.

मुंबई : महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सुप्रीमो शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि हालात काफी चिंताजनक हो गए हैं. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह से कर्नाटक के मुख्यमंत्री द्वारा हालात को अलग रास्ते पर ले जाने का सोचा-समझा प्रयास किया जा रहा है. वहां जो कुछ हो रहा है उसे देखते हुए अब स्पष्ट रूख तय करने का वक्त आ गया है. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र-कर्नाटक के सीमावर्ती क्षेत्रों के मसले पर कोई हमारे धैर्य की परीक्षा न लें.

महाराष्ट्र-कर्नाटक के सीमावर्ती क्षेत्रों में हालात चिंताजनक

शरद पवार ने महाराष्ट्र-कर्नाटक के सीमावर्ती क्षेत्रों में हालात को मंगलवार को चिंताजनक बताते हुए कहा कि वहां जो कुछ हो रहा है, उसे देखते हुए अब स्पष्ट रूख तय करने का वक्त आ गया है. वहीं, मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ सप्ताह से कर्नाटक के मुख्यमंत्री द्वारा हालात को अलग रास्ते पर ले जाने का सोचा-समझा प्रयास किया जा रहा है. पूर्व केन्द्रीय मंत्री पवार ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जो हो रहा है, उसे देखने के बाद रूख स्पष्ट करने का वक्त आ गया है. वहां हालात चिंताजनक हैं.

महाराष्ट्र के मंत्रियों का बेलागवी दौरा रद्द

बताते चलें कि कर्नाटक के साथ सीमा विवाद पर समन्वय की जिम्मेदारी संभाल रहे महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों चन्द्रकांत पाटिल और शंभुराज देसाई का कार्यक्रम मंगलवार को कर्नाटक के बेलगावी जिले का दौरा कर वहां महाराष्ट्र एकीकरण समिति के कार्यकर्ताओं से मिलने और दशकों पुराने सीमा मुद्दे पर चर्चा करने का था. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सोमवार को कहा था कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों को बेलगावी दौरे पर नहीं भेजने को कहेंगे, क्योंकि इससे जिले में कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. इस पर जोर देते हुए कि महाराष्ट्र के साथ सीमा विवाद सुलझ चुका है, मुख्यमंत्री ने कहा था कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पहले ही निर्देश दे दिया है कि अगर महाराष्ट्र के मंत्री दौरे पर आते हैं, तो क्या कदम उठाने हैं और सरकार कानूनी कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगी. इसके बाद महाराष्ट्र के मंत्रियों का बेलगावी का दौरा रद्द कर दिया गया.

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सुप्रीम कोर्ट में लंबित है सीमा विवाद

शरद पवार की पार्टी एनसीपी महाराष्ट्र की पूर्ववर्ती महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार का हिस्सा थी. एमवीए, शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की गठबंधन सरकार थी. महाराष्ट्र 1960 में अपने गठन के वक्त से ही बेलगावी जिले और मराठी भाषी अन्य 80 गांवों को लेकर कर्नाटक के साथ सीमा विवाद में उलझा हुआ है. बेलगावी और ये सभी गांव फिलहाल कर्नाटक का हिस्सा हैं. दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद का यह मुद्दा फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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