School Reopen Updates : कैसा रहा स्कूल का पहला दिन? कितने बच्चे रहें उपस्थित, जानें विभिन्न राज्यों में खुले स्कूलों की स्थिति

School Reopen, Updates, State wise : देश के कुछ राज्यों में सोमवार 21 सितंबर से स्कूल रि-ओपेन कर दिए गए हैं और कुछ जल्द खुलने वाले है. ऐसे में आपको भी ये जानने की इच्छा हो रही होगी की इस कोरोना काल में स्कूल का पहला दिन कैसा रहा? बच्चों को भेजना सही फैसला था या नहीं ? तो आइये जानते हैं इससे जुड़ी सभी जानकारियां…

School Reopen, Updates, State wise : देश के कुछ राज्यों में सोमवार 21 सितंबर से स्कूल रि-ओपेन कर दिए गए हैं और कुछ जल्द खुलने वाले है. ऐसे में आपको भी ये जानने की इच्छा हो रही होगी की इस कोरोना काल में स्कूल का पहला दिन कैसा रहा? बच्चों को भेजना सही फैसला था या नहीं ? तो आइये जानते हैं इससे जुड़ी सभी जानकारियां…

दरअसल, मार्च के अंत से लगे प्रतिबंध के बाद यह पहली बार था जब स्कूलों को खोला गया. हालांकि, केवल सात राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश ने ही केंद्र के अनलॉक 4 दिशानिर्देशों को मानते हुए 21 सितंबर से स्कूलों को खोलने की अनुमति दी. इनमें मेघालय, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल और नागालैंड शामिल हैं.

आपको बता दें कि वायरस के प्रसार के बीच स्वास्थ्य को लेकर चिंतित परिजनों ने स्कूलों में अपने बच्चों को पहले दिन बहुत कम भेजा. जम्मू-कश्मीर मे पहले दिन बच्चों की उपस्थिति बेहद कम थी. वहीं, कई ऐसे राज्य भी हैं जिन्हें अभी स्कूल रि-ओपने की तारीख तय करनी है. इनमें दिल्ली भी शामिल है.

अंग्रेजी वेबसाइट टीओआई में छपी रिपोर्ट की मानें तो असम के शिक्षकों ने कहा कि फिलहाल स्थिती सही नहीं नजर आ रही है. गुवाहाटी के साउथ पॉइंट स्कूल के प्रिंसिपल के चंदा ने टीओआई से कहा कि नौवीं और बारहवीं कक्षा के 10 प्रतिशत से कम छात्र-छात्राएं पहले दिन उपस्थित थे. उन्होंने बताया कि पहले दिन कई अभिभावक देखना चाहते थे कैसी है स्कूल व्यवस्था और वायरस का कहर. यही कारण है कि उन्होंने बच्चों को नहीं भेजा.

जबकि, रेलवे उच्च माध्यमिक विद्यालय, मालीगांव, असम के बारहवीं कक्षा के छात्र अतनु चक्रवर्ती ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाएं जारी है ऐसे में रिस्क क्यों लें. वहीं, भोपाल के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले एक बच्चे अभिषेक अग्रवाल की मानें तो उसके माता-पिता पर प्रेशर बनाने के बाद ही उसे स्कूल जाने की अनुमति मिली. लेकिन, वे भी गेट से लौट गए. जब उसे मालूम चला कि उनका कोई दोस्त स्कूल आया ही नहीं है.

टीओआई में छपी रिपोर्ट के अनुसार आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में जेडपी हाई स्कूल के एक अंग्रेजी शिक्षक मधु बाबू ने कहा कि उन्होंने सोमवार को माता-पिता के साथ बैठक की. इस दौरान कक्षाएं शुरू होने से पूर्व कोविड-19 से संबंधित सावधानियों पर चर्चा हुई. हालांकि, पूरे राज्य में निजी और सरकारी दोनों स्कूलों में उपस्थिति न के बराबर ही रही.

कई सरकारों को अभी स्कूल खोलने का फैसला लेना बाकी है. उत्तर प्रदेश सरकार स्कूल खोलने पर और समीक्षा करेगा. यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, जो माध्यमिक और उच्च शिक्षा मंत्री भी हैं, उन्होंने कहा है कि छात्रों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता है.

वहीं, गुजरात के शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह फुडासामा ने कहा है कि वर्तमान स्थिति में छात्रों को स्कूल में जाना उचित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि स्थिति में सुधार होते ही निर्णय लिया जाएगा. महाराष्ट्र, गोवा, झारखंड, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, बिहार, राजस्थान, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में अभी स्कूल खोलने को लेकर संश बना हुआ है.

जबकि बिहार के प्रधान सचिव (शिक्षा) संजय कुमार ने मंगलवार को एक बैठक बुलाई है, जिसमें फिर से खोलने की संभावित तिथि पर चर्चा की जानी है. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, जो शिक्षा मंत्री भी हैं, उन्होंने घोषणा की है कि 2 अक्टूबर तक स्कूल रि-ओपेन पर निर्णय लिया जाएगा.

Posted By : Sumit Kumar Verma

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