सरके चुनर तेरी सरके पर भारी बवाल, नोरा फतेही पर फतवा जारी, NCW ने भी लिया एक्शन

Sarke Chunri Teri Sarke Controversy: विवादित गाने सरके चुनर तेरी सरके को लेकर नोरा फतेही की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता ने अभिनेत्री के खिलाफ फतवा जारी किया है.

Sarke Chunri Teri Sarke Controversy: मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता ने लेटर जारी कर नोरा के खिलाफ फतवे की जानकारी दी. लेटर में बताया गया है कि अश्लील गाने, नृत्य, आपत्तिजनक दृश्य बनाना, उसमें भाग लेना या उन्हें फैलाना, इस्लाम में हराम है. और गुनाह ए कबीरा है. आगे कहा गया- ऐसा कंटेंट जो युवाओं, बच्चों और समाज के नैतिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाए, उससे दूर रहना वाजिब है. उसकी निंदा भी की जानी चाहिए.

राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोरा फतेही और संजय दत्त को समन जारी किया

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने सरके चुनर गाने में अश्लीलता और अभद्रता को लेकर अभिनेत्री नोरा फतेही, अभिनेता संजय दत्त और अन्य को तलब किया है. राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा, आयोग ने राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, सरके चुनर तेरी सरके गीत में अश्लीलता और अभद्रता के आरोपों वाली खबरों का स्वतः संज्ञान लिया है.

24 मार्च को महिला आयोग के सामने होना होगा हारिज

एनसीडब्ल्यू ने कहा कि उसने गीतकार रकीब आलम, केवीएन ग्रुप के निर्माता वेंकट के नारायण और किरण कुमार को भी 24 मार्च को उसके समक्ष पेश होने के लिए तलब किया है.

विवाद पर क्या बोलीं नोरा फतेही

नोरा फतेही ने कहा- उन्होंने कन्नड़ संस्करण तीन साल पहले रिकॉर्ड किया था. जब उन्होंने हिंदी संस्करण सुना, तो उन्होंने निर्माताओं के समक्ष इसे उठाया था. आलम ने कहा कि उन्होंने भी निर्माताओं को चेतावनी दी थी कि हिंदी बोल अश्लील हैं.

सरके चुनर के गायक ने माफी मांगी, कहा: गाने के बोल बदले जाएंगे

सरके चुनर गीत के अश्लील बोलों को लेकर मचे बवाल के बाद गायिका मंगली ने माफी मांग ली है. उन्होंने कहा- किसी का भी इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. उन्होंने कहा- गाने के बोल बदले जाएंगे और जल्द ही दूसरा संस्करण जारी किया जाएगा.

क्या है मामला?

कन्नड़ फिल्म केडी: द डेविल का यह गाना इसी सप्ताह यूट्यूब पर रिलीज हुआ था. इसके अश्लील बोल के कारण विवाद खड़ा हो गया. इसे बाद में यूट्यूब से हटा दिया गया. प्रेम द्वारा निर्देशित और ध्रुव सरजा अभिनीत यह फिल्म 30 अप्रैल को रिलीज होगी.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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