सलमान खुर्शीद ने कहा- हमारी पार्टी में कई नेता हैं, लेकिन राहुल गांधी की जगह कोई नहीं ले सकता

खरगे पर दिये गये सलमान खुर्शीद के बयान के बाद भाजपा के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस पार्टी और उनके परिवारवाद पर तीखा हमला बोला है.

हमारी पार्टी में कई नेता हैं, लेकिन मुख्य नेता गांधी परिवार से होता है. मल्लिकार्जुन खरगे हमारे राष्ट्रीय नेता है. खरगे जी की पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन हमारे मुख्य नेता कांग्रेस पार्टी से ही होते हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने यह स्पष्टीकरण राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष बनाये जाने की अपनी मांग के संदर्भ में दिया है.

गौरव भाटिया ने कसा परिवारवाद पर तंज

खरगे पर दिये गये सलमान खुर्शीद के बयान के बाद भाजपा के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस पार्टी और उनके परिवारवाद पर तीखा हमला बोला है. गौरव भाटिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि पार्टी का नेता कौन है, उनके लिए तो बस सोनिया गांधी और राहुल गांधी मायने रखते हैं. ऐसे में मल्लिकार्जुग खरगे को रिमोट कंट्रोल अध्यक्ष नहीं तो क्या कहा जाये. गौरतलब है कि राहुल गांधी ने जब कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनने से मना कर दिया, तो चुनाव कराकर पार्टी का अध्यक्ष चुना गया. पार्टी की कमान गांधी परिवार के खास खरगे को सौंपा गया है, बावजूद इसके अभी भी उनकी स्वीकार्यता पार्टी में नहीं बन पायी है.

भगवान राम से की थी तुलना

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से सलमान खुर्शीद राहुल गांधी के बारे में बयान देकर चर्चा में आ रहे हैं. हाल ही में उन्होंने राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से करके विवाद खड़ा कर दिया था. उन्होंने राहुल गांधी के बारे में यह कह दिया था कि वो भगवान श्रीराम की तरह हैं. हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफाई दी थी और कहा था कि भगवान से किसी की तुलना नहीं की जा सकती है, लेकिन मैंने यह कहा था कि वे भगवान श्रीराम के रास्ते पर चल रहे हैं. भाजपा ने सलमान खुर्शीद के इस बयान पर आपत्ति जतायी थी और कहा था कि उन्होंने लाखों लोगों की भावनाओं को आहत किया है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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